गौतम बुध वाक्य
उच्चारण: [ gaautem budh ]
उदाहरण वाक्य
- इस नाम के बाद किसी नाम की जरुरत ही नही है गौतम बुध, कबीर, दयानद, विव्कानन्द आदि संतो इसी नाम जपने के बाद ही ज्ञान प्राप्त हुआ यही एक नाम आप का कल्याण कर सकता है
- गौतम बुध से एक बार किसी संत ने पूछ लिया “ क्या आप ने इश्वर को देखा hai ” गौतम बुध ने कहा इश्वर को आप देख नही सकते वो अनंत सत्ता kaise देख सकते हो ” और देख कर करना भी क्या hai उस इश्वर को आप की पूजा की कम और अछे कर्मो की जायदा जरुरत hai बहुत ही बढ़िया लेख
- गौतम बुध से एक बार किसी संत ने पूछ लिया “ क्या आप ने इश्वर को देखा hai ” गौतम बुध ने कहा इश्वर को आप देख नही सकते वो अनंत सत्ता kaise देख सकते हो ” और देख कर करना भी क्या hai उस इश्वर को आप की पूजा की कम और अछे कर्मो की जायदा जरुरत hai बहुत ही बढ़िया लेख
- तो सवाल उठता है कि अल्लाह हुअस्गर (छोटा अल्लाह) कौन हैं? भगवान राम या कृष्ण कन्हैया, भगवन महावीर या महात्मा गौतम बुध? ईसाइयों का गाड, यहूदियों का याहू या ईरानी ज़र्थुर्ष्ट का खुदा? कोई अकेली लकीर को बड़ा या छोटा दर्जा नहीं दिया जा सकता जब तक की उसके साथ उससे फर्क वाली लकीर न खींची जा ए.
- गौतम बुद्ध चाहे विष्णु जी के अवतार हों या नहीं लेकिन वे पूजने के योग्य तो हैं ये बात बिलकुल झुठ है कि गौतम बुध्द, विष्णू के अवतार ही, ये सब ब्राम्हनो का किया कराया है.मामुली सी बात ही “अगर गौतम बुध विष्णू के अवतार होते,तो हिंदू धर्म से अलग बौद्ध धर्म स्थापित न करते”.ये जो ब्राह्मण लोग है इनकी आदत बन गयी है महापुरुषो का इतिहास खराब करणे कि.
- मात्र इस आधार पर कि चूंकि मैं भी हिन्दू हूं, इसलिये मुझे स्वधर्म की नुक्ताचीनी करने का पूरा-पूरा अधिकार है, ओछी मानसिकता ही कहा जाएगा ” मै हिन्दू कट्टरवादी हु मुझे अपने धर्म से बेहद लगाव है और मेरा ये भी मानना ये सबसे महान है आप के हिसाब से शंकराचर्या, दयानद, गौतम बुध, विवेकनद आदि सब ओछी मानसिकता के वक्ती थे जिन्होंने ताकलिन पाठ पूजा और सामाजिक वाव्स्था का विरोध किया है “
- दुनिया में आज तक सिर्फ दो ही व्यक्ति संत कहलाने योग्य हुए है. पहले गौतम बुध और दूसरे महावीर जी.दोनों ही इंसान के दुखों को देखकर दुखी हुए थे.ये तो पंडितों के शाजिश की वजह से भारत में कुछ नहीं कर पाए.वर्ना बौध धरम हिन्कुओं का ही धरम था.जब 8ऊ साल मुसलमानों ने हिन्दुओं पर राज किया उस वक्त सांई जैसे बाबाओं के चमत्कारों को क्या हो गया था.इक अकेला मुहम्द ३३ करोड़ देवताओं पर कैसे भारी पड़ गया.उस वक्त इनके चमत्कारों को क्या हो गया था.हिन्दू सदियों से अंधी आस्था का गुलाम रहा है.
- गौतम बुध पूर्व पांच साथियों को भी उपदेश देकर दैवीय शक्ति के योग्य बना दिए / उस समय दैवीय शक्ति प्राप्त समूह, संघ के रूप में स्थापित हुआ / ग्यानी बुद्धा पांच सन्यासी को सबसे पहले उपदेश दिया / जो धर्मचक्र परिवर्तन सुत्ता कहलाया / यह आषाढ़ के पूर्णमासी के दिन दिया गया / बुध स्वम प्रथम वर्षा ऋतू में सारनाथ के मुलगंधकुट्टी में ठहरे / कुछ ही दिन में संघ में 60 संत बन गए / इन सबो को बुध सभी दिशाओं में धर्म प्रचार के लिए भेज दिए / सभी 60 संत अरहंत थे /