जयशक्ति वाक्य
उच्चारण: [ jeyshekti ]
उदाहरण वाक्य
- कहा जाता है कि चंदेल राजा जयशक्ति जेजाक के नाम से ही बुंदेलखंड का नाम जेजाभुक्ति या जिझौती पड़ा है।
- जयशक्ति को वाक्यपति के बाद सिंहासन में बैठाया गया और इसके नाम से ही बुंदेलखंड क्षेत्र का नाम “जेजाक-मुक्ति ' पड़ा।
- जयशक्ति को वाक्यपति के बाद सिंहासन में बैठाया गया और इसके नाम से ही बुंदेलखंड क्षेत्र का नाम “जेजाक-मुक्ति ' पड़ा।
- इतिहासकारों ने राजा जेजाक अथवा जयशक्ति को महान प्रतापशाली शासक कहकर उनका राज्य यमुना से नर्मदा तक विस्तृत बतलाया है।
- जयशक्ति को वाक्यपति के बाद सिंहासन में बैठाया गया और इसके नाम से ही बुंदेलखंड क्षेत्र का नाम ” जेजाक-मुक्ति ' पड़ा।
- देर शाम जब इनकी गाडियां जयशक्ति होम्स, जीपी मॉल व हरदा डिग्री कॉलेज में दाखिल हुई तो संस्थानों के मुख्य गेट में ताले डाल दिए गए।
- जयशक्ति ने जिस दृढता से शासन-प्रबन्ध सम्हाला, उतनी ही वीरता से विजय शक्ति ने साम्राज्य का विस्तार किया.....और पाल शासक देवपाल के साथ दक्षिण के राज्यों तक विजय अभियान संचालित किया।
- 1011 के खजुराहोवाले लेखों में जो वंशावली दी गई है, उसके अनुसार विश्वश्रृक पुराणपुरुष, जगन्निर्माता, ऋषि मरीचि, अत्रि, मुनि चंद्रात्रेय भूमिजाम के वंश में नृप नंनुक हुआ जिसके पुत्र वा पति और पौत्र जयशक्ति तथा विजयशक्ति थे।
- 1011 के खजुराहो वाले लेखों में जो वंशावली दी गई है, उसके अनुसार विश्वश्रृक पुराणपुरुष, जगन्निर्माता, ऋषि मरीचि, अत्रि, मुनि चंद्रात्रेय भूमिजाम के वंश में नृप नंनुक हुआ जिसके पुत्र वा पति और पौत्र जयशक्ति तथा विजयशक्ति थे।
- धंग के विक्रम सं. 1011 (954 ई.) के खजुराहो वाले लेखों में जो वंशावली दी गई है, उसके अनुसार विश्वशृक पुराणपुरुष, जगन्निर्माता, ऋषि मरीचि, अत्रि, मुनि चंद्रात्रेय भूमिजाम के वंश में नृप नंनुक हुआ जिसके पुत्र वा पति और पौत्र जयशक्ति तथा विजयशक्ति थे।