जाँ निसार अख़्तर वाक्य
उच्चारण: [ jaan nisaar akheter ]
उदाहरण वाक्य
- आशिक़ से बढ़के आशिक़ शायर से बढ़के शायर जाँ निसार अख़्तर से न तो कभी मेरी कोई मुलाका़त हुई न मैंने उन्हें कभी देखा ही है।
- हिरमाँ जो उर्दू अदब की तवारीख़ में अपना स्थान बना चुकी हैं वे जाँ निसार अख़्तर की दादी ही तो थीं जिनका असल नाम सईदुन-निसा था।
- हिरमाँ जो उर्दू अदब की तवारीख़ में अपना स्थान बना चुकी हैं वे जाँ निसार अख़्तर की दादी ही तो थीं जिनका असल नाम सईदुन-निसा था।
- काफ़ी समय पहले जाँ निसार अख़्तर ने एक ग़ज़ल के संबंध में, जो बहादुर शाह ज़फ़र के नाम से मंसूब थी, उसे मुज़तर की ग़ज़ल बताया है.
- जावेद साहब की तरकश और उनकी मरहूम वालिदा सफ़िया अख़्तर और वालिद मशहूर शायर जाँ निसार अख़्तर की ख़तोकिताबत की किताब उर्दू अदब का अहम हिस्सा है.
- लेकिन उस दौर में सब थे-साहिर, मजरूह, शकील, कैफ़ी, शैलेन्द्र और जाँ निसार अख़्तर मुम्बई आकर पहले एक महीने तो इस्मत चुग़ताई के यहाँ रहे और अपना Struggle शुरु किया।
- जाँ निसार अख़्तर, कमर जलालाबादी, शमशुल हुदा बिहारी, अहमद वासी आदि शायर जैसे उनकी धुन और उनकी लय के हिसाब से लिखते, जो कि उनके संगीत को जवान और तरंगित बनाता।
- मत रोको इन्हें पास आने दो, ये मुझसे मिलने आए हैं उन करोंड़ों लोगों के नाम जिन्होंने जाँ निसार अख़्तर के गीतों को गाया-गुनगुनाया और अपनी माशूक़ शहनाज़ के भी नाम निगाहों के साये
- बहुत से शेर ऐसे भी हैं जो बोलचाल में तो शामिल होते हैं लेकिन वे हक़ीक़त में किस की क़लम का नतीजा है, यह मालूम नहीं होता, जाँ निसार अख़्तर अच्छे शायर और कई फ़िल्मों के नगमा निगार थे.
- यह जाँ निसार अख़्तर का पहला फ़िल्म गीत संग्रह है-‘ निगाहों के साये ' और इसमें जाँ निसार के कुल 248 फ़िल्म-गीतों में सिर्फ़ 151 गीतों को संकलित किया गाया है जिन्हें आप गीत कम और पुरसुकून Romance की पगध्वनियाँ कहना ज़्यादा पसन्द करेंगे।