दाता गंज बख्श वाक्य
उच्चारण: [ daataa ganej bekhesh ]
उदाहरण वाक्य
- विभिन्न धर्मों-सम्प्रदायों के माननेवाले लोगों, राजाओं-नवाबों और सूफ़ी-संतों को यही भरोसा पिछले एक हज़ार साल से दाता गंज बख्श की मज़ार पर श्रद्धा अर्पित करने के लिये लाता रहा है.
- विभिन्न धर्मों-सम्प्रदायों के माननेवाले लोगों, राजाओं-नवाबों और सूफ़ी-संतों को यही भरोसा पिछले एक हज़ार साल से दाता गंज बख्श की मज़ार पर श्रद्धा अर्पित करने के लिये लाता रहा है.
- अजमेर के महान सूफ़ी हज़रत मोईनुद्दीन चिश्ती ने लाहौर के सूफ़ी दाता गंज बख्श साहिब के बारे में कहा था-“ गंज बख्श-ए-फ़ैज़-ए-आलम, मज़हर-ए-नूर-ए-ख़ुदा / नक़ीसान रा पीर-ए-कामिल, कामिलान रा रहनुमा ”.
- दरिया-ए-रावी के उस पार पंजाब की राजधानी लाहौर आबाद थी ख्वाज़ा ग़रीब नवाज़ र० अ० और आपके हमराहियों ने दरिया पार करके शहर से बाहर हज़रत अली बिन उस्मान हिजवेरी उर्फ़ दाता गंज बख्श र० अ० के मज़ार पर क़ियाम फ़रमाया जो शहर के क़रीब था!
- दाता गंज बख्श के पवित्र मस्जिद तथा मज़ार पर दहशतगर्द हमला कर लोगों की जान ले सकते हैं और इमारत को नुकसान पहुंचा सकते हैं लेकिन उन्हें यह ज़रूर समझना चाहिए कि उनकी यह नापाक और कायरतापूर्ण हरकत दाता के पवित्र संदेशों और लोगों में उनके प्रति अटूट विश्वास को नाम-मात्र भी नुकसान नहीं पहुंचा सकते हैं.
- दाता गंज बख्श के पवित्र मस्जिद तथा मज़ार पर दहशतगर्द हमला कर लोगों की जान ले सकते हैं और इमारत को नुकसान पहुंचा सकते हैं लेकिन उन्हें यह ज़रूर समझना चाहिए कि उनकी यह नापाक और कायरतापूर्ण हरकत दाता के पवित्र संदेशों और लोगों में उनके प्रति अटूट विश्वास को नाम-मात्र भी नुकसान नहीं पहुंचा सकते हैं.