दाशमिक प्रणाली वाक्य
उच्चारण: [ daashemik pernaali ]
उदाहरण वाक्य
- किसी भी आधार वाले संख्या-पद्धति (जैसे, द्वयाधारी या अष्टाधारी संख्याओं) के लिये ऐसे नियम बनाये जा सकते हैं किन्तु यहाँ केवल दाशमिक प्रणाली (decimal system) के संख्याओं के लिये विभाज्यता के नियम नियम दिये गये हैं।
- अंग्रेजी राज में बाद जब मौद्रिक व्यवस्था में दाशमिक प्रणाली को अपनाया गया तो आना छह पैसे का हो गया और सोलह आने तब भी एक रूपया ही बने रहे और चवन्नी-अठन्नी का महत्व बना रहा।
- अंग्रेजी राज में बाद जब मौद्रिक व्यवस्था में दाशमिक प्रणाली को अपनाया गया तो आना छह पैसे का हो गया और सोलह आने तब भी एक रूपया ही बने रहे और चवन्नी-अठन्नी का महत्व बना रहा।
- दुनिया को दाशमिक प्रणाली की सौगात भारत ने ही क़रीब डेढ़ हजार साल पहले दी थी और यही शून्य था जिसकी वजह से यह प्रणाली जन्म ले पायी और जिसके बिना अंक गणित की कल्पना भी मुश्किल है।
- दुनिया को दाशमिक प्रणाली की सौगात भारत ने ही क़रीब डेढ़ हजार साल पहले दी थी और यही शून्य था जिसकी वजह से यह प्रणाली जन्म ले पायी और जिसके बिना अंक गणित की कल्पना भी मुश्किल है।
- स्पष्ट है कि शू से बने शून्य में बाद में चाहे निर्वात, सूनापन, अर्थहीन, खोखला जैसे भाव उसकी आकृति की वजह से समाविष्ट हुए हों, मगर दाशमिक प्रणाली को जन्म देने वालों की निगाह में शून्य में दरअसल फूलने-फैलने, समृद्धि का आशय ही प्रमुख था।
- ध्यान देने योग्य बात यह है कि सन 1958 में दाशमिक प्रणाली प्रारंभ की गयी और आज तक हम मनुष्य का कद फुट और इंच में, जमीन के भाव फुट के हिसाब से, और मकान की लम्बाई चौड़ाई तथा उंचाई फुट में ही बोलते-बताते हैं।
- स्पष्ट है कि शू से बने शून्य में बाद में चाहे निर्वात, सूनापन, अर्थहीन, खोखला जैसे भाव उसकी आकृति की वजह से समाविष्ट हुए हों, मगर दाशमिक प्रणाली को जन्म देने वालों की निगाह में शून्य में दरअसल फूलने-फैलने, समृद्धि का आशय ही प्रमुख था।