बालाजी विश्वनाथ वाक्य
उच्चारण: [ baalaaji vishevnaath ]
उदाहरण वाक्य
- बालाजी विश्वनाथ (1713-20), बाजीराव प्रथम (1720-40) और बालाजी बाजीराव (1740-61) नामक पेशवाओं ने मराठा शक्ति को अपने संरक्षण में कायम रखा।
- मुक्त, ताराबाई तथा शाहू समर्थकों के मध्य खेड़ा का युद्ध, मराठा राज्य दो भागों में विभक्त, सतारा में शाहू का राज्य तथा कोल्हापुर में ताराबाई (या शिवाजी द्वितीय) का राज्य, पेशवा बालाजी विश्वनाथ शाहू के साथ।
- १ ७ ० ७ को मराठाराज्यमें फूट पडनेसे उन्होंने अपना स्वतंत्र कार्यकाज चालू किया ; परंतु आगे चलकर उनके बालमित्र बालाजी विश्वनाथ पेशवेजीने उन्हें सताराके (छत्रपति शाहू महाराज) साथ संधि करनेको सम्मत कर लिया ।
- उनके पिता प्रथम पेशवा बालाजी विश्वनाथ भट्ट (१ ६६ ०-१ ७ २ ०) से उन्होंने कूटनीति के दाँव-पेंच सीखे जिन्होंने मराठा-मुगल संबंधों में सफल भूमिका निभाकर दिल्ली में मराठा वर्चस्व की नींव रखी।
- यद्यपि बालाजी विश्वनाथ के उत्तराधिकारी बाजीराव ने मराठा साम्राज्य के सीमाविस्तार के साथ साथ अपनी सत्ता को भी सर्वोपरि बना दिया, तथापि वैधानिक रूप से पेशवा की स्थिति में क्रांतिकारी परिवर्तन शाहू की मृत्यु के बाद, बाजीराव के पुत्र बालाजी के समय में हुआ।
- [...] आधुनिक-भारत अलीवर्दी खान अवध अहमदशाह अब्दाली आसिफ जान औरंगजेब कम्पनियों का आगमन कालीकट जहाँदार शाह नादिरशाह निजाम उल-मुल्क पी एस सी फर्रूखशियर बाजीराव प्रथम बालाजी बाजीराव बालाजी विश्वनाथ बुरहान-उल-मुल्क सआदत अली खाँ मुगल साम्राज्य मुर्शिदकुली खाँ मुहम्मद शाह यूरोपीयों का आगमन लुत्फ उल्ला वास्कोडि
- प्रथम पेशवा बालाजी विश्वनाथ (1707-1720) के समय में हुए सय्यद बंधुओं, अलीगढ़ आंदोलन के प्रणेता, कांग्रेस से मुसलमानों की दूरी बनाने वाले और मुसलमानों के लिए अलग दर्जे की मांग करने वाले सर सय्यद अहमद खान, अब्दुल कलाम आजाद तथा कई सूफी संत सय्यद ही थे।
- प्रथम पेशवा बालाजी विश्वनाथ (1707-1720) के समय में हुए सय्यद बंधुओं, अलीगढ़ आंदोलन के प्रणेता, कांग्रेस से मुसलमानों की दूरी बनाने वाले और मुसलमानों के लिए अलग दर्जे की मांग करने वाले सर सय्यद अहमद खान, अब्दुल कलाम आजाद तथा कई सूफी संत सय्यद ही थे।
- प्रथम पेशवा बालाजी विश्वनाथ (1707-1720) के समय में हुए सय्यद बंधुओं, अलीगढ़ आंदोलन के प्रणेता, कांग्रेस से मुसलमानों की दूरी बनाने वाले और मुसलमानों के लिए अलग दर्जे की मांग करने वाले सर सय्यद अहमद खान, अब्दुल कलाम आजाद तथा कई सूफी संत सय्यद ही थे।
- औरंगजेब के बंदीगह से मुक्ति पा राज्यारोहण के ध्येय से जब महाराजा शाहू ने महाराष्ट्र में पदार्पण किया, तब बालाजी विश्वनाथ ने उसका पक्ष ग्रहण कर उसकी प्रबल प्रतिद्वंद्विनी ताराबाई तथा प्रमुख शत्रु चंद्रसेन जाघव, ऊदाजी च्हवान, और दामाजी योरट को परास्त कर न केवल शाहू को सिंहासन किया, वरन् उसकी स्थिति सुदृढ़ कर महाराष्ट्र को पारस्परिक संघर्ष से ध्वस्त होने से बचा लिया।