भारतविद् वाक्य
उच्चारण: [ bhaaretvid ]
उदाहरण वाक्य
- इस अवसर पर ‘ भारतीय मूल्यचिन्तन ' पर पाँचवाँ ‘विश्वम्भरा स्थापना दिवस व्याख्यान' देते हुए प्रसिद्ध भारतविद् डॊ.सुनीति शास्त्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति की मूल चिन्ता संस्कारशील मनुष्य का निर्माण व मूल्याधारित समाज की स्थापना करना है।
- हमारे राष्ट्रवादी बुध्दिजीवी एक फिरंगी भारतविद् एएल बाशम का हवाला देकर बताते रहे कि यह वर्णव्यवस्था कितनी वैज्ञानिक और व्यवहारिक थी, पर वे यह बताने से कतराते रहे कि अपने देश में नफरत का विधिवत कारोबार इसी से शुरू हुआ।
- इनके लेखक के लिए यहां की संस्कृति बिल्कुल नई थी लेकिन उसने उस समझने और अपने यहां के लोगों के लिए सहानुभूति पूर्वक प्रस्तुत करने का ऐसी अवधारणा ईमानदारी के साथ प्रयत्न किया कि उसे “ सबसे पहले वैज्ञानिक और किसी भी युग के एक महानतम भारतविद् ” के नाम से अभिहित किया गया।
- ऐसा पहले किसी विदेशी भारतविद् ने नहीं किया” उपरोक्त विचार साहित्य अकादेमी के उपाध्यक्ष और प्रसि (कवि/आलोचक डॉ. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने रूस के महान एकेडमिशियन, शिक्षाविद्, विचारक, लेखक, अनुवादक और साहित्य अकादेमी के महत्तर सदस्य तथा पद्मभूषण प्राप्त ई.पी. चेलीशेव के ९०वें जन्मदिवस पर भारत स्थित रशियन पफ़ेडरेशन के राजदूतावास के साथ आयोजित कार्यक्रम में कहे।
- यद्यपि बाद में मैक्समूलर इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि आर्य नस्ल की अवधारणा बिल्कुल गलत है, ÷ आर्य' भाषा का सूचक है किसी विशिष्ट प्रजाति का नहीं, परन्तु तत्कालीन वातावरण में पश्चिमी भारतविद् चाहे वे मिशनरी रहे हों या औपनिवेशिक शासक, अन्वेषक या प्राच्यविद्याविद्, सभी मनीषी भाषाओं की सभ्यता को नस्ल की सभ्यता का लक्षण मान कर चल रहे थे और हिन्दू समाज को आर्य और अनार्य नस्लों के संघर्ष और सम्मिश्रण के प्रसंग से ही परिभाषित कर रहे थे।