मृच्छकटिकम् वाक्य
उच्चारण: [ merichechhektikem ]
उदाहरण वाक्य
- मृच्छकटिकम् नाट्यरचना-चोरी के पक्ष में चोर का तर्क 30 अप्रै 2013 1 टिप्पणी
- संस्कृत नाटकों में सबसे अधिक प्राकृत का उपयोग और वैचित्र्य शूद्रक कृत मृच्छकटिकम् में मिलता है।
- संस्कृत नाटकों में सबसे अधिक प्राकृत का उपयोग और वैचित्र्य शूद्रक कृत मृच्छकटिकम् में मिलता है।
- ' शूद्रक ' के प्रसिद्ध नाटक मृच्छकटिकम् यानी ' गारा की गाड़ी ' का उल्लेख बहुत भाया ।
- मृच्छकटिकम् का नायक कहता है कि निर्धनता स्वयं में एक महापाप है जिसे छठा महापाप कहना चाहिए ।
- वस्तुतः चौर्य में संलिप्त मृच्छकटिकम् के पात्र शर्विलक का चरित्र आज के सफेदपोश चोरों से कहीं ऊपर है ।
- वस्तुतः चौर्य में संलिप्त मृच्छकटिकम् के पात्र शर्विलक का चरित्र आज के सफेदपोश चोरों से कहीं ऊपर है ।
- संस्कृत साहित्य में ‘ मृच्छकटिकम् ' नामक एक नाट्यकृति उपलब्ध है, जिसे शूद्रक द्वारा रचित बताया जाता है ।
- मुक्ता मेँ संस्कृत नाटक मृच्छकटिकम् (शूद्रक) का हमारे मित्र स्वर्गीय ललित सहगल कृत अविकल अनुवाद छपना था.
- (शूद्रकरचित मृच्छकटिकम्, अंक प्रथम, श्लोक १ ०) [घनान्धकारेषु दीपदर्शनम् इव सुखं दुःखानि अनुभूय हि शोभते ।