योगवासिष्ठ वाक्य
उच्चारण: [ yogavaasiseth ]
उदाहरण वाक्य
- ' ' (योगवासिष्ठ ५ / ८८ / १ २)
- योगवासिष्ठ संस्कृत सहित्य में अद्वैत वेदान्त का अति महत्वपूर्ण ग्रन्थ है।
- योगवासिष्ठ की एक पाण्डुलिपि (१६०२ ई) से लिया गया एक चित्र
- योगवासिष्ठ में जग की असत्ता और परमात्मसत्ता का विभिन्न दृष्टान्तों के माध्यम से प्रतिपादन है।
- वेदांत के अनुसार तो 7 हैं, जिन्हें योगवासिष्ठ में ' सप्तभूमिका ' कहा है।
- योगवासिष्ठ में जग की असत्ता और परमात्मसत्ता का विभिन्न दृष्टान्तों के माध्यम से प्रतिपादन है।
- योगवासिष्ठ महारामायण-राम वसिष्ठ के संवाद के रूप में इस ग्रंथ के छ:
- इस जगत् की दुर्दशा का वर्णन योगवासिष्ठ के एक श्लोक में भली भाँति मिलता है, जिसका आशय निम्निलिखत है-
- देवप्रयाग में राम को योगवासिष्ठ का उपदेश देने वाले वसिष्ठ ऋषि धर्म और राजनीति का समन्वय करके चलते थे।
- इस जगत् की दुर्दशा का वर्णन योगवासिष्ठ के एक श्लोक में भली भाँति मिलता है, जिसका आशय निम्निलिखत है-