रतिनाथ की चाची वाक्य
उच्चारण: [ retinaath ki chaachi ]
उदाहरण वाक्य
- 1936 में-देहाती दुनिया-के जरिए आंचलिक उपन्यास की दुनिया में जो बिरवा आचार्य शिवपूजन सहाय ने रोपा था, नागार्जुन ने बलचनमा, रतिनाथ की चाची और वरूण के बेटे के जरिए उसे आगे बढ़ाया।
- उनके ‘ रतिनाथ की चाची ' (1949), ‘ बलचनमा ', (1952), ‘ नई पौध ' (1953) और ‘ बाबा बटेसरनाथ ' (1954) में भी आंचलिक परिवेश का चित्रण हुआ है।
- तभी तो नागार्जुन जैसे लेखक रतिनाथ की चाची, बाबा बटेसरनाथ, बलचनमा, हीरक जयंती, वरुण के बेटे, नई पौध, दुखमोचन, उग्रतारा, जमनिया का बाबा, कुंभीपाक, गरीबदास और पारो जैसी कालजयी कथात्मक कृतियाँ रच पाते है।
- हां साहित्य से लगाव स्नातक में अंग्रेजी ऑनर्स के दौरान ही हो गया लेकिन परवान चढा दिल्ली में रहने के दौरान और उन मित्रों के संपर्क में आने के बाद जिन्होंने मुझे गुनाहों का देवता, रतिनाथ की चाची, मुझे चांद चाहिए, का स्वाद लगा दिया ।
- ‘ आइने के सामने ' जैसे आत्मकथ्य, रतिनाथ की चाची और बलचनमा जैसे उपन्यास, मनोहर श्याम जोशी, कृष्ण सोबती, पंकज सिंह आदि को दिए दर्जनों साक्षात्कार, ‘ थो लिंग महाविहार ', ‘ सिंध में सत्रह महीने ', ‘ टिहरी से नेलंग ' जैसे यात्रा-संस्मरण, निराला, राहुल, रेणु आदि पर लिखे संस्मरण और अनेक कविताओं में उनकी आत्मकथा के सूत्र बिखरे हुए हैं।