रस शास्त्र वाक्य
उच्चारण: [ res shaasetr ]
उदाहरण वाक्य
- सहायक कुलसचिव अब्दुल वहाब ने बताया कि बीएएमएस द्वितीय वर्ष के तहत 19 को चरक संहिता पूर्वाद्ध, 21 को अंगद तंत्र एवं व्यवहार आयुर्वेद, 23 को रस शास्त्र प्रथम, 26 को रस शास्त्र द्वितीय, 28 को स्वस्थ वृत्त प्रथम, 31 को स्वस् थ...
- आचार्य भिक्षु ने कभी कवि बनने का प्रयत्न नहीं किया और न कभी उन्होंने भाषा शास्त्र, छनद शास्त्र, अलंकार शास्त्र एवं रस शास्त्र का प्रच्चिक्षण ही प्राप्त किया पर उनके द्वारा रचे गये पद्यों में रस, अनुप्रयास और अलंकारों के प्रायोग पाठक को मुगध कर देते है।
- नीलम शारीरिक बल में वृद्धि कर तंत्र बाधा से रक्षा करता है पुखराज रक्त विकार को दूर कर गुदा रोग तथा कुष्ट से भी मुक्त करता है साथ ही भाग्योदय भी करता है पन्ना वाक् सिद्धि में सहायक है. हीरा पूर्णता देता है और खेच्ररत्व में वातावरण के अनुकूल बनाकर कवचित भी करता है तो वैक्रान्त रस शास्त्र में पूर्णता
- वाराणसी। अमूमन मधुमेह रोगियों को चावल खाने पर मनाही होती है। क्योंकि चावल में अधिक कार्बोहाइड्रेट की मात्रा मधुमेह रोगियों के लिए खतरनाक होती है। लेकिन अब मधुमेह रोगी भी चावल खा सकते हैं। बशर्ते कि चावल को आयुर्वेदिक रीति से पकाया जाए। बीएचयू आयुर्वेद संकाय में रस शास्त्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. आनंद चौधरी बताते हैं कि आचार्य
- फेसबुक के जरिए पुलिस प्रशासन को तहरीर देने वाले बीएचयू के रस शास्त्र विभाग (आयुर्वेद) के प्रोफेसर आनन्द चौधरी ने बताया कि ड्रग्स एक्ट के तहत कोई भी डॉक्टर अपने क्लिनिक में विज्ञापन के जरिए किसी भी विशेष बीमारी के इलाज का दावा तो कर सकता है लेकिन इन विज्ञापनों को सार्वजनिक स्थानों पर प्रकाशित या प्रसारित नहीं कर सकता है।
- I राज्य सरकार के इस फैसले से अन्य राज्यों को सीख लेने कि जरूरत हैं जहाँ रस शास्त्र में स्नात्कोतरों के बाबजूद अपने कुछ चहेतों को ड्रग कंट्रोलर के पदों पर बिठाया गया हैI रस शास्त्र एवं भैसज्य कल्पना में स्नातकोतर होना ही उनके ड्रग कंट्रोलर के रूप में चयन का आधार बना हैIइससे राज्य में आयुर्वेदिक औषधियों की गुणवत्ता को सुधारने में काफी मदद मिलेगी I.
- I राज्य सरकार के इस फैसले से अन्य राज्यों को सीख लेने कि जरूरत हैं जहाँ रस शास्त्र में स्नात्कोतरों के बाबजूद अपने कुछ चहेतों को ड्रग कंट्रोलर के पदों पर बिठाया गया हैI रस शास्त्र एवं भैसज्य कल्पना में स्नातकोतर होना ही उनके ड्रग कंट्रोलर के रूप में चयन का आधार बना हैIइससे राज्य में आयुर्वेदिक औषधियों की गुणवत्ता को सुधारने में काफी मदद मिलेगी I.