वाल्मीक रामायण वाक्य
उच्चारण: [ vaalemik raamaayen ]
उदाहरण वाक्य
- वाल्मीक रामायण में तो यहां तक लिखा है कि समुद्र पर प्रहार करने के लिए जब राम ने अपना धनुष उठाया तो भूमि और अंतरिक्ष मानो फटने लगे और पर्वत डगमडा उठे।
- दूसरी कथा वाल्मीक रामायण (किष्किन्धा काण्ड के ६६ वें अध्याय) के आधारपर इस प्रकार वर्णन की गई है कि परम लावण्वती विशाल लोचना माता अंजना नेएक समय श्रृंगार किया, उनके सुन्दर कलेवर पर पीली साड़ी शोभा दे रही थी.
- इस तथ्य की पुष्टि वाल्मीक रामायण के बाल काण्ड के वीस्वें सर्ग के शलोक दो से भी हो जाती है, जिसमे राजा दशरथ अपनी व्यथा प्रकट करते हुए कहते हैं-उनका कमलनयन राम सोलह वर्ष का भी नहीं हुआ और उसमें राक्षसों से युद्ध करने की योग्यता भी नहीं है।
- इस तथ्य की पुष्टि वाल्मीक रामायण के बाल काण्ड के वीस्वें सर्ग के शलोक दो से भी हो जाती है, जिसमे राजा दशरथ अपनी व्यथा प्रकट करते हुए कहते हैं-उनका कमलनयन राम सोलह वर्ष का भी नहीं हुआ और उसमें राक्षसों से युद्ध करने की योग्यता भी नहीं है।