विज्ञान लोकप्रियकरण वाक्य
उच्चारण: [ vijenyaan lokepriyekren ]
उदाहरण वाक्य
- पुरस्कार / सम्मानः उत्कृष्ट विज्ञान लेखन के लिए प्रतिष्ठित ‘आत्माराम पुरस्कार' (2005), विज्ञान लोकप्रियकरण के लिए राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार) का राष्ट्रीय पुरस्कार (2000), भारतेंदु हरिश्चंद्र राष्ट्रीय बाल साहित्य पुरस्कार (1994-99 तथा 2002), मेदिनी पुरस्कार, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, भारत सरकार (2009), उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान पुरस्कार (1978-79) तथा विज्ञान परिषद प्रयाग द्वारा स्तरीय विज्ञान लेखन के लिए सम्मानित (1986) तथा ‘विज्ञान' का ‘देवेंद्र मेवाड़ी सम्मान अंक' प्रकाशित (2006)।
- मुले जी आज के अनेक हिन्दी विज्ञान लेखकों की पहली पंक्ति के पुरोधा रहे-हिन्दी विज्ञान लोकप्रियकरण के पितामह! उनका लेखन सरल था मगर फिर भी गंभीर परिशीलन की मांग रखता था-अभिव्यक्ति का छिछोरापन /सतहीपन उनको गवारा नहीं था! वे विज्ञान की गरिमा से समझौता न करने वालों मे रहे! जबकि उनके कुछ बाद के और आज के कई स्वनामधन्य विज्ञान प्रचारकों ने विज्ञान की बखिया उधेड़ डाली है, उनके नामोल्लेख यहाँ अभिप्रेत नहीं-कहीं अन्यत्र उनके भी अवदान बल्कि प्रति-अवदान चर्चित होगें ही!