विदारीकंद वाक्य
उच्चारण: [ vidaarikend ]
उदाहरण वाक्य
- निम्न उपचार लीजिये-१. पुष्पधन्वा रस एक गोली के साथ एक-एक ग्राम अश्वगंधा चूर्ण, विदारीकंद, सालमपंजा मिला कर इसे एक चम्मच कौंचा पाक के साथ चाट कर ऊपर से दो चम्मच अश्वगंधारिष्ट पी लीजिये।
- गुण: विदारीकंद मीठा, चिकना, ठंडा (शीतल), बलवीर्यवर्धक, पौष्टिक, मूत्रवर्धक (पेशाब को बढ़ाने वाला), वर्ण (घाव) को ठीक करने वाला, पित्त, रुधिर विकार तथा वातनाशक होता है।
- छोटी इलायची, शतावर, विदारीकंद, सफेद मूसली, गोखरु, बला मूल, गिलोयसत्व, तेजपात, अजवायन, तालीसपत्र, अजमोद, सौंफ, रासना, पोहकर मूल, वंशलोचन, देवदारु, सोयाबीन, कचूर, जटामासी, वच, मोचरस, सफेद चन्दन, लालचन्दन, वायविडंग, खस, वासा, धनिया, कायफल, नागरमोथा ये सभी औषधियाँ 24-24 ग्राम लेनी हैं।
- चिकित्सा शुक्राणुओं को बढ़ाने व उन्हें बलशाली बनाने के लिए इस प्रकार का प्रयोग करें-इसके लिए शतावरी, गोखरू, बड़ा बीजबंद, बंशलोचन, कबाब चीनी, कौंच के छिलकारहित बीज, सेमल की छाल, सफेद मुसली, काली मुसली, सालम मिश्री, कमल गट्टा, विदारीकंद, असगन्ध सब 50-50 ग्राम और शक्कर 300 ग्राम, सभी द्रव्यों को अलग-अलग कूट-पीसकर कपड़छान कर लें।
- शिवलिंगी के बीज 10 ग्राम, स्वर्ण भस्म 1 ग्राम, चांदी भस्म 6 ग्राम, वंग भस्म 6 ग्राम, सरफोका की जड़ 6 ग्राम, चंदन का बुरादा 6 ग्राम, शतावर 9 ग्राम, नागकेसर 9 ग्राम, अरुस के फूल 9 ग्राम तिल के फूल नौ ग्राम, हिंगुल भस्म 9 ग्राम, त्रिवंग भस्म 6 ग्राम, असगंध 10 ग्राम, विदारीकंद 10 ग्राम, बरगद की कोमल जटा नौ ग्राम सभी को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें।