विद्या और अविद्या वाक्य
उच्चारण: [ videyaa aur avideyaa ]
उदाहरण वाक्य
- विद्या और अविद्या, बंधन और उससे छुटकारा, सुख और दु:ख सब चित्त में हैं।
- माया भगवान् के अधीन रहकर विद्या और अविद्या से भगवत्प्रेरणा के अनुसार, अनुरूप कार्य करवाती है।
- इसीलिए ईशोपनिषद् के ऋषि ने कहा है ' ' विद्या और अविद्या इन दोनों को समझो ।
- माया भगवान् के अधीन रहकर विद्या और अविद्या से भगवत्प्रेरणा के अनुसार, अनुरूप कार्य करवाती है।
- इसी मुसीबत के निदान के लिए भारतीय परंपरा ने विद्या और अविद्या की अवधारणा प्रस्तुत की थी।
- विद्या और अविद्या, बंधन और उससे छुटकारा, सुख और दु: ख सब चित्त में हैं।
- (ईशावास्योपनिषद मे विद्या और अविद्या के साथ-साथ सम्भूति एवं असम्भूति पर काफी विस्तृत चर्चा की जा सकती है।
- कर्म का आधार इच्छा, कर्म का निर्णय बुद्धि (विद्या और अविद्या) से और कर्म का निष्पादन शरीर से।
- प्लेटो ने विशेष पदार्थों के बोध को सम्मति का पद दिया, और सम्मति को विद्या और अविद्या के मध्य में रखा।
- प्लेटो ने विशेष पदार्थों के बोध को सम्मति का पद दिया, और सम्मति को विद्या और अविद्या के मध्य में रखा।