वैश्विक ग्राम वाक्य
उच्चारण: [ vaishevik garaam ]
उदाहरण वाक्य
- वर्तमान परिदृश् य में जब विश् व को वैश्विक ग्राम (ग् लोबल विलेज) कहा जाता है यह स् वप् न पूरा कर पाना बहुत कठिन नहीं है।
- निश्चय ही आगामी कल आने वाले सन् 2009 में ज्ञानेश्वरी के वचन ' हे विश्वची माझे घर' को आत्मसात करते हुए भारत वैश्विक ग्राम के मुखिया पद पर अपना दावा ठोक देगा.
- निश्चय ही आगामी कल आने वाले सन् 2009 में ज्ञानेश्वरी के वचन ' हे विश्वची माझे घर ' को आत्मसात करते हुए भारत वैश्विक ग्राम के मुखिया पद पर अपना दावा ठोक देगा.
- समूह के भारत में निदेशक असनारु अब्दुल गफूर ने आईएएनएस से कहा, “हम यहां एक अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सा शहर, ज्ञान शहर और एक वैश्विक ग्राम की स्थापना के लिए 20 अरब रुपए से अधिक का निवेश करेंगे।”
- भारत में किसान मेला तमाशे की तरह होता है, जबकि अमेरिका के आइवा प्रात की राजधानी दे मॉयन से बीस पच्चीस मील की दूरी पर बसा एक छोटा-सा कस्बा बोन बीती पहली अक्टूबर को विशाल वैश्विक ग्राम की झलक दे रहा था।
- वैसे वर्तमान वैश्विक ग्राम में कोई भी सरकार चाहे वो चीन की हो या भारत की विचारों की अभिव्यक्ति पर प्रभावी रोक नहीं लगा सकी है और न ही लगा सकती है फिर यह चमचा शिरोमणि कपिल सिब्बल किस बंजर खेत का आलू है?
- अब वैश्विक ग्राम का नारा प्रचलित हो रहा है …….. लोग सीमाओं को बंधन मानने लगे है ……… सारा संसार उनको घर लगने लगा है ……… जब कोई सीमा ही नहीं तो देश कैसा ओर जब देश नहीं तो देश भक्ति कैसी ……………..
- अपनी सभ्यता और सादगी से मानवीयता के चरम को छूते हुए देश में व्याप्त बहुआयामी ज्ञान एवं प्राकृतिक सम्पदा सम्पन्न त्यागमयी यहाँ की वृत्ति ने जहां प्रसार पाया, वहीं बाजारवाद के विस्तार में पनपे भूमंडलीकरण व वैश्विक ग्राम की कल्पना के साकार होते प्रभाव में वसुधैव कुटुम्बकम् की आत्मीय धारणा पर असहय झटके झेले हैं।
- अपनी सभ्यता और सादगी से मानवीयता के चरम को छूते हुए देश में व्याप्त बहुआयामी ज्ञान एवं प्राकृतिक सम्पदा सम्पन्न त्यागमयी यहाँ की वृत्ति ने जहां प्रसार पाया, वहीं बाजारवाद के विस्तार में पनपे भूमंडलीकरण व वैश्विक ग्राम की कल्पना के साकार होते प्रभाव में वसुधैव कुटुम्बकम् की आत्मीय धारणा पर असहय झटके झेले हैं।
- अब जबकि पूरा विश्व ही एक वैश्विक ग्राम के रूप में परिवर्तित हो गया है तो आने वाले समय में ये देखना भी दिलचस्प होगा कि दक्षिण भारत के किसी शहर में होली का कोई जोगीरा खूब जोर शोर से गाया जा रहा हो और ऐसे ही गुजरात के किसी शहर में पोंगल का उत्सव खूब उत्साह के साथ मनाया जा रहा हो ।