संपूर्णानन्द वाक्य
उच्चारण: [ senpurenaanend ]
उदाहरण वाक्य
- अगर उसे गिरफ़्तार करके सुधारने का प्रयत्न किया जाता तो उसकी क्षमताओं का सदुपयोग क्या संभव नहीं था? वी शांता राम की दो आंखें बारह हाथ फिल्म देखकर संपूर्णानन्द जी ने सुधार गृह नाम से खुली जेलें बनाई थीं।
- स्वामी सहजानन्द सरस्वती 1945-46 में कम्युनिस्ट पार्टी से बिदककर फिर कांग्रेस समाजवादी पार्टी की ओर मुड़े पर नरेंद्र देव, संपूर्णानन्द, मोहनलाल गौतम, पुरुषोत्तम दास टंडन, किसान की स्वामी जी की परिभाषा और लाल झंडा पर सहमत न हुए।
- जन्म २५ नवम्बर १९६६, बुद्ध की निर्वाण भूमि कुशीनगर, शिक्षा, दर्शन शास्त्र में पी-एच्.डी उपाधि, संपूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी में तुलनात्मक धर्मदर्शन विभाग के एसोसियेट प्रोफेसर, १० वर्षों तक भारत के सबसे प्राचीन तथा सर्वाधिक प्रसार वाली दार्शनिक शोध पत्रिका “दार्शनिक त्रैमासिक” का संपादन किया।
- इससे आपके आन्दोलन को भी बल मिलेगा पार पत्र अधिनियम की धारा १ २, धारा 420 (ठगी), धारा 120 बी के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गयी है और आप संपूर्णानन्द संस्कृत विश्व विद्यालय की बालकृष्ण की डिग्रियां फर्जी नहीं हैं।
- बैठक में आचार्य नरेंद्र देव के अलावा जयप्रकाश नारायण, यूसुफ मेहर अली, मीनू मसानी, कमला देवी चट्टोपाध्याय, डा राम मनोहर लोहिया, संपूर्णानन्द, अच्युत पटवर्धन, अशोक मेहता, रामनन्दन मिश्र, शिवनाथ बैनर्जी, फरीदुल हक अंसारी, आदि उपस्थित थे।
- उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री संपूर्णानन्द को गढ़वाल भ्रमण के दौरान जब इस क्षेत्र की जानकारी दी गई तो 1958 में यहां आकर उन्होंने इस क्षेत्र की ऐतिहासिकता के लिए पुरातात्विक उत्खनन की आवश्यकता जाहिर की और क्षेत्र के विकास की बात कर पर्यटन से इसे जोड़ने को कहा।
- वर्ष 1956 में अविभाजित उत्तर प्रदेश के तक्कालीन मुख्यमंत्री डा0 संपूर्णानन्द जी जब इस क्षेत्र में आये तो उन्होने जनता की मांग पर तत्कालीन जिलाधिकारी गढवाल को इस स्थल के विकास हेतु निर्देश दिये इस स्थान पर वन्य जन्तु विहार की स्थापना के साथ-साथ कण्वाश्रम विकास समिति का गठन हुआ।
- वर्ष 1956 में अविभाजित उत्तर प्रदेश के तक्कालीन मुख्यमंत्री डा 0 संपूर्णानन्द जी जब इस क्षेत्र में आये तो उन्होने जनता की मांग पर तत्कालीन जिलाधिकारी गढवाल को इस स्थल के विकास हेतु निर्देश दिये इस स्थान पर वन्य जन्तु विहार की स्थापना के साथ-साथ कण्वाश्रम विकास समिति का गठन हुआ।
- पर बापू मुझे यह बताइये कि मेरा दाखिले का फार्म आप कहां से लाए थे? किसने कामना की थी मेरे इंजीनियर बनने की? “ ” इसबात को तुम आज पूछ रहे हो? “ बापू ने आश्चर्य से कहा और बोले-” और कौन लाता, पण्डित संपूर्णानन्द दे गये थे मुझे।