सईद क़ादरी वाक्य
उच्चारण: [ seed kaderi ]
उदाहरण वाक्य
- ‘गुनाह ' फिर से जीत की एक पुरानी बंगाली धुन का ही हिन्दी रूप है जिसकी शुरुआत बहुत कुछ दीवाना फ़िल्म के ‘कोई ना कोई चाहिए' और ‘कांटे' फ़िल्म के ‘जाने क्या होगा रामा रे' की याद दिलाती है लेकिन सईद क़ादरी के बोल और मुस्तफ़ा के स्वर उसे ‘भट्ट फ़िल्मों' के संगीत वातावरण में ढालने में सफ़ल हुए हैं.
- गीत संगीत: फिल्म में शकील आज़मी, सईद क़ादरी और रफ़ीक के लिखे और संगीतकार एम एम क्रीम के साथ शिराज उप्पल के स्वरबद्ध किये करीब चार गीत हैं पर वे बोलों और शब्दों के हिसाब ठीक हैं, अभिनय: फिल्म में मुजमिल को एक मुस्लिम चरित्र मे पूरी मेहनत करने को मौका मिला हैं हालकि कई जगहों पर मॉड़ल ही नजर आते हैं।
- गीत-सईद क़ादरी संगीत-मिथुन शर्मा, चलचित्र-बस एक पल, गायक-आतिफ असलम तेरे बिन, सन सोणिया........*** गीत-रब्बी, संगीत-रब्बी, चलचित्र-दिल्ली हाइट्सतेरे बिना बेसुवादी रतिया......गीत-गुलज़ार, संगीत-ए. आर. रहमान, चलचित्र-गुरू गायक-ए. आर. रहमान / चिन्मयी श्रीपदा तेरी दीवानी........ गीत-कैलाश खेर संगीत-कैलासा तेरे सवालों के वो जवाब जो मैं दे ना दे ना सकूँ......