सर्वात्मवाद वाक्य
उच्चारण: [ servaatemvaad ]
उदाहरण वाक्य
- प्रत्ययवादियों का विचार है कि सम्पूर्ण प्रकृति के पास आत्मा तथा मानस होता है यह सर्वात्मवाद का दार्शनिक रूप।
- जैसे-सर्वात्मवाद-सबका विकास, सबका उन्नयन, सबका आनंद भारतीय स्वभाव की मूल संस्कृति है.
- सर्वराष्ट्रीय मानव अधिकार घोषण सर्व-सेवा-संघ सर्वांगशोध या देहशोथ सर्वात्मवाद सर्वानुक्रमणी सर्विया सर्वेक्षण सर्वेश्वरवाद सलफ़्यूरिक अम्ल सल्फोेनिक अम्ल सल्फ़ोनेमाइड सवर्
- ववाद या जड़समीहावाद सर्वराष्ट्रीय मानव अधिकार घोषण सर्व-सेवा-संघ सर्वांगशोध या देहशोथ सर्वात्मवाद सर्वानुक्रमणी सर्विया सर्वेक्षण सर्वेश्वरवाद सलफ़्यूरिक अम्ल सल्फोेनिक अम्ल
- सर्वात्मवाद का दर्शन मुख्यतया आदिवासी समाजों में पाया जाता है परन्तु यह शिन्तो एवं हिन्दुओं के कुछ सम्प्रदायों में भी पाया जाता है।
- सर्वात्मवाद का दर्शन मुख्यतया आदिवासी समाजों में पाया जाता है परन्तु यह शिन्तो एवं हिन्दुओं के कुछ सम्प्रदायों में भी पाया जाता है।
- सर्वात्मवाद का दर्शन मुख्यतया आदिवासी समाजों में पाया जाता है परन्तु यह शिन्तो एवं हिन्दुओं के कुछ सम्प्रदायों में भी पाया जाता है।
- इन धर्मों में शामिल हैं: में शिव और विष्णु की pantheistic स्कूल शाखा हिंदू धर्म, Shintoism की जापान, और सर्वात्मवाद में कुछ मान्यताओं.
- [2] समाज शिकार और सभा में आम सर्वात्मवाद प्राकृतिक दुनिया में वस्तुओं कि, संज्ञानात्मक के साथ संपन्न हो और मानव जीवन पर इसके प्रभा व.
- सर्वात्मवाद (Animism) वह दार्शनिक, धार्मिक या आध्यात्मिक विचार है कि आत्मा न केवल मनुष्यों में होती है वरन् सभी जन्तुओं, वनस्पतियों, चट्टानों, प्राकृतिक परिघटनाओं (बिजली, वर्षा आदि) में भी होती है।