सिकन्दर महान वाक्य
उच्चारण: [ sikender mhaan ]
उदाहरण वाक्य
- महात्त्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर होने की वजह से सिकन्दर महान ने इस इलाके को अधिग्रहण कर के अपने एक जनरल Seleukos Nikator को यहाँ का शासक बिना दिया जो 303 ईपू तक शासन करता रहा।
- सुनो पोरस! सिकन्दर किसी को इस तरह की नाइन्साफ़ी बरदाश्त नहीं! “ नरदा से मुख़ातिब होकर सिकन्दर महान ने आदेश दिया: ” बन्दी को खुले आकाश ने नीचे ले जाया जाए! ”
- जोश मलीहाबादी साहब ऐसे इक्कों के बारे में लिखते हैं कि, “तमाम के तमाम इस क़दर जलील हैं कि उन पर सिकन्दर महान को भी बिठा दिया जाये तो वो भी किसी देहाती रंडी के भड़वे नजर आने लगेंगे”।
- सिकन्दर ने उसके पास पहुँच कर उसे अपना परिचय दिया, “ क्या तुम जानते हो मैं सिकन्दर महान हूँ? ” फकीर बोला, “ जो अपने आप को महान सोचता है, वह व्यक्ति कभी महान हो ही नहीं सकता।
- जोश मलीहाबादी साहब ऐसे इक्कों के बारे में लिखते हैं कि, “ तमाम के तमाम इस क़दर जलील हैं कि उन पर सिकन्दर महान को भी बिठा दिया जाये तो वो भी किसी देहाती रंडी के भड़वे नजर आने लगेंगे ” ।
- जोश मलीहाबादी साहब ऐसे इक्कों के बारे में लिखते हैं कि, “ तमाम के तमाम इस क़दर जलील हैं कि उन पर सिकन्दर महान को भी बिठा दिया जाये तो वो भी किसी देहाती रंडी के भड़वे नजर आने लगेंगे ” ।
- कौटिल्य के बारे मे एक बहुत ही रोचक बात बताने योग्य है, जिससे यह पूर्ण रूप से सिद्द्ध हो जाता है कि वह निस्सन्देह इतिहास के सभी अर्थशास्त्रियो मे सबसे उच्च स्थान रखते हैं, सिकन्दर महान के भारत पर आक्रमण के समय सिकन्दर के गुरू अरस्तु ने उसे भारत से दूर रहने के लिये कहा था, क्यून्कि उसने कौटिल्य के बारे मे बहुत कुछ सुना हुआ था, उसे भय था कि कौटिल्य की नीति से सिकन्दर के विश्व विजय के अभियान को नुकसान पहुन्च सकता है।
- कौटिल्य के बारे मे एक बहुत ही रोचक बात बताने योग्य है, जिससे यह पूर्ण रूप से सिद्द्ध हो जाता है कि वह निस्सन्देह इतिहास के सभी अर्थशास्त्रियो मे सबसे उच्च स्थान रखते हैं, सिकन्दर महान के भारत पर आक्रमण के समय सिकन्दर के गुरू सुकरात ने उसे भारत से दूर रहने के लिये कहा था, क्यून्कि उसने कौटिल्य के बारे मे बहुत कुछ सुना हुआ था, उसे भय था कि कौटिल्य की नीति से सिकन्दर के विश्व विजय के अभियान को नुकसान पहुन्च सकता है।
- कौटिल्य के बारे मे एक बहुत ही रोचक बात बताने योग्य है, जिससे यह पूर्ण रूप से सिद्द्ध हो जाता है कि वह निस्सन्देह इतिहास के सभी अर्थशास्त्रियो मे सबसे उच्च स्थान रखते हैं, सिकन्दर महान के भारत पर आक्रमण के समय सिकन्दर के गुरू अरस्तु ने उसे भारत से दूर रहने के लिये कहा था, क्यून्कि उसने कौटिल्य के बारे मे बहुत कुछ सुना हुआ था, उसे भय था कि कौटिल्य की नीति से सिकन्दर के विश्व विजय के अभियान को नुकसान पहुन्च सकता है।