सूर्यभानु गुप्त वाक्य
उच्चारण: [ sureybhaanu gaupet ]
उदाहरण वाक्य
- जो कुछ अमरेन्द्र जी ने कहा उसमें सूर्यभानु गुप्त जी की यह पंक्ति जोड़ना चाहता हूँ ” खेल मौसम भी खूब करता है..
- बात प्रतिभा की चली तो दुष्यंत कुमार के बाद हिंदी गजल के संभवतः सबसे बड़े नाम सूर्यभानु गुप्त के शब्दों से हर कोई इत्तेफाक रखेगा,
- आदरणीय हरजीत, अदम गोंड़वी, सूर्यभानु गुप्त, एहतराम इस्लाम, राजेश रेड्डी, राजेन्द्र तिवारी, प्रमोद तिवारी, सत्यप्रकाश ‘ ार्मा, आदि-आदि।
- सूर्यभानु गुप्त हो गई सदियां मगर फिर भी है अजूबा, पेड अब भी आदिवासी हैं पत्त्तियां अब तक पहनते हैं मूड हो, नंगे ही रहते हैं पेड खा...
- मयंक जी के ही समकालीन कवि सूर्यभानु गुप्त की इन पंक्तियों को देखिएः सर फूटे, घर टूटे मन धुनिये की रुई तलवारें खुलीं जहाँ काम आनी थी सुई।
- कुमार पाशी, कृष्ण बिहारी नूर, कुंवर महेंद्र सिंह बेदी 'सहर', कुंवर बैचैन, दुष्यंत कुमार, सूर्यभानु गुप्त, बाल स्वरुप राही आदि का जिक्र किये बिना अधूरी रहेगी.
- इस अवसर पर संपत सरल द्वारा संचालित एक व्यंग्य गोष्ठी का आयोजन भी किया गया जिसमें सूर्यभानु गुप्त, श्यामसुंदर गोइन्का सूर्यबाला, प्रेम जनमेजय, आसकरण अटल, आदि ने अपनी रचनाओं का पाठ किया।
- मुझे याद है, मैं किशोरावस्था में था, तब कन्हैयालाल मत्त, बालकृष्ण गर्ग, सूर्यभानु गुप्त और दामोदर अग्रवाल जी के बालगीत अकसर धर्मयुग के पन्नों पर छपा करते थे।
- यह और बात है कि हिंदी के काव्य क्षेत्र में बालस्वरूप राही, शेरजंग गर्ग, सूर्यभानु गुप्त आदि ग़ज़ल लिख रहे थे, परंतु इसे स्थापित करने का श्रेय दुष्यंतकुमार को प्राप्त हुआ है।
- यह और बात है कि हिंदी के काव्य क्षेत्र में बालस्वरूप राही, शेरजंग गर्ग, सूर्यभानु गुप्त आदि ग़ज़ल लिख रहे थे, परंतु इसे स्थापित करने का श्रेय दुष्यंतकुमार को प्राप्त हुआ है।