स्वदेश भारती वाक्य
उच्चारण: [ sevdesh bhaareti ]
उदाहरण वाक्य
- इस प्रकाशन द्वारा हिन्दी के सुप्रसिद्ध कवि, उपन्यासकार स्वदेश भारती की पुस्तकें प्रकाशित हो रही हैं
- श्री स्वदेश भारती का जन्म उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में १२ दिसम्बर सन् १९३९ को हुआ था।
- श्री स्वदेश भारती ने २२ कविता संग्रह, ८ उपन्यास, ४५ संकलन एवं रूपामबर के २०० सम्स्करण प्रकाशित किये हैं।
- बच्चनजी उठकर मुझे आशीर्वाद देते हुए बोले-तुम स्वदेश भारती, आज से कविताओं में अपने को बांधो और अच्छे से लिखो।
- इस अवसर पर रूपाम्बरा के राष्ट्रीय मानद अध्यक्ष श्री रत्नाकर पांडेय, अध्यक्ष श्री स्वदेश भारती और निदेशक श्री राजेन्द्र जोशी उपस्थित थे।
- श्री स्वदेश भारती, वरिष्ठ कवि, कोलकाता 3. डॉ. बालशौरि रेड्डी, पूर्व संपादक, चंदामामा, चैन्नई 4.
- 8. श्री स्वदेश भारती सप्तक के कवि, उपान्यसकार, स्वदेश भारती की कविताओं ने स्वातंत्रयोत्तर हिंदी कविता को आधुनिक भाव-बोध एवं नयी आयाम दिए हैं।
- 8. श्री स्वदेश भारती सप्तक के कवि, उपान्यसकार, स्वदेश भारती की कविताओं ने स्वातंत्रयोत्तर हिंदी कविता को आधुनिक भाव-बोध एवं नयी आयाम दिए हैं।
- 3 मार्च 2012 को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक भिलाई इस्पात संयंत्र के बोर्ड रुम में आयोजित थी, जिसमें स्वदेश भारती विशिष्ट अतिथि थे।
- डॉ. स्वदेश भारती ने संगोष्ठी का शुभारम्भ करते हुए कहा कि भाषा और साहित्य मानव शरीर में रीढ़ और मस्तिष्क की तरह काम करते हैं।