स्वर वर्ण वाक्य
उच्चारण: [ sevr vern ]
उदाहरण वाक्य
- जहाँ तक मैने समझा है (उन्ही के परिभाषा अनुसार) काफिया में एक ही स्वर वर्ण वाले अक्षर भिन्न भिन्न व्यन्जन के साथ आना जरूरी है।
- नाम का पहला अक्षर तथा नाम में मौजूद पहला स्वर वर्ण दो ऐसे संशोधक हैं जो चुपचाप विशिष्ट अंकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कार्यरत रहते हैं।
- जैसे कि (तीलक जि कि उदाहरण से) 'नेक' और 'केक' में 'ने' और 'के' ऐसे अक्षर हैं जिनमें 'ए' स्वर वर्ण 'न' और 'क' व्यञ्जन के साथ आया है।
- यह अध्यात्मिक श्वांस है, एक पवित्र ध्वनि है जो की मूलध्वानी है, जिसके अन्दर ९ स्वर वर्ण, दो योगिक वर्ण और २ ६ व्यंजन वर्ण समाहित है।
- ऐसी भौगोलिक सीमा को कहते हैं जिसके पार भाषा का कोई पहलु बदल जाता हो, मसलन किसी स्वर वर्ण का उच्चारण, किसी व्यंजन वर्ण को उच्चारण करने का लहजा, इत्यादि।
- किसी भी शब्दांश में एक ' शब्दांश केंद्र' होता है, जो हमेशा स्वर वर्ण ही होता है, और उसके इर्द-गिर्द अन्य वर्ण मिलते हैं जो व्यंजन भी हो सकते हैं और स्वर भी.
- किसी भी शब्दांश में एक ' शब्दांश केंद्र' होता है, जो हमेशा स्वर वर्ण ही होता है, और उसके इर्द-गिर्द अन्य वर्ण मिलते हैं जो व्यंजन भी हो सकते हैं और स्वर भी.
- अर्थात व्यंजन वर्ण के अशुद्ध उच्चारण से आयुका नाश होता है और स्वर वर्ण के अशुद्ध उच्चारण से रोग होते हैं, अशुद्ध उच्चारणसे युक्त मंत्रद्वारा अभिमंत्रित अक्षत सिरपर वज्रपात सामान गिरता है।
- जिस प्रकार बिजली का एक बटन दबाने से अनेकों बल्ब जल जाते हैं, उसी तरह संस्कृत के एक स्वर वर्ण के उच्चारण से 18 प्रकार के आकारों का ज्ञान होता है ….
- जैसे, ' अण् ' से अ इ उ और ' अच् ' से समग्र स्वर वर्ण-अ, इ, उ, ऋ, लृ, ओ और औ, इत्यादि ।