स्वामी कर्मवीर वाक्य
उच्चारण: [ sevaami kermevir ]
उदाहरण वाक्य
- उपरोक्त बातें यह साबित करने के लिए काफी हैं कि रामदेव को स्वामी कर्मवीर से सबसे अधिक खतरा है शायद यही कारण है कि उनके अनुयायी स्वामी कर्मवीर की सुरक्षा को लेकर चिन्तित हैं।
- खोजबीन बताती है कि वर्ष 2006 में इस योगपीठ की स्थापना रामदेव, शंकरदेव, कमला साध्वी, स्वामी कर्मवीर, भूपेंद्र सिंह ठक्कर, जीव राज पटेल और बालकृष्ण ने मिलकर की थी।
- स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और स्वामी कर्मवीर तीनों ने अपने शुरुवाती दिनों मे कनखल, हरिद्वार स्थित दिव्य योग मन्दिर मे आश्रय पाया था तथा यहीं से इन्होनें अपनी योग यात्रा आरम्भ की थी।
- स्वामी कर्मवीर का आरोप यह था कि स्वामी रामदेव ने योग का व्यवसायीकरण कर दिया है और आम आदमी तक योग पहूंचाने की उनकी कवायद अब पीछे छूट गई है वें अब मास के नही लिए नही क्लास के लिए उपलब्ध रहतें है।
- अखिल भारतीय सन्त समिति उत्तर भारत के अध्यक्ष प्रमोद कृष्णम् के नेतृत्व में सन्तों के प्रतिनिधिमण्डल ने मनमोहन सिंह से मुलाकात कर कहा कि स्वामी कर्मवीर को पूरी सुरक्षा मुहैया करायी जाए तथा मामले की सीबीआई से जांच करा सच्चाई को सामने लाया जाए।
- वेद, दर्शन एवं योग में उच्च शिक्षा प्राप्त स्वामी कर्मवीर ने आरोप लगाया कि स्वामी रामदेव का भटकाव और पतन उस दिन से शुरू हो गया था, जब उन्होंने अपने परिजनों के बहकावे में आकर अपने शरणदाता गुरु शंकरदेव को प्रताड़ित किया।
- स्वामी रामदेव के पुराने साथी और तथाकथित रुप साधना के सहयोगी रहे स्वामी कर्मवीर ने उन्हें क्यों छोड दिया जबकि पातंजलि और दिव्य योग मन्दिर के शुरुवाती दिनों के सहयोगी रहे स्वामी कर्मवारी की छवि बडे ही ईमानदार और त्यागी साधक की रही है।
- डबवाली (लहू की लौ) पतंजलि योग फाउंडेशन, लोनावाल महाराष्ट्र तथा महर्षि पंतजलि अंतर्राष्ट्रीय योग विद्यापीठ के संस्थापक, योग प्रचार में बाबा रामदेव के सबसे पुराने साथी स्वामी कर्मवीर ने कहा कि परचून की दुकान चलाना संयासियों का काम नहीं है।
- दिव्य योग मंदिर व पतंजलि योगी पीठ की स्थापना व निर्माण में स्वामी रामदेव के बाद दूसरे प्रमुख स्वामी रहे ट्रस्ट के पूर्व उपाध्यक्ष स्वामी कर्मवीर ने कहा कि स्वामी शंकरदेव गुमशुदगी की हकीकत सामने आने पर कई अन्य राजों पर से भी पर्दा उठ जाएगा।
- स्वामी कर्मवीर ये है चूतिया वाला विभीषण अबे घोन्चु तू सही वक़्त पे ग़लत लोगों के लिए भोंक रहा है ये वक़्त कम बख़्तों को सबक सीखने का है बाबा अगर ग़लत है तो उनसे फिर निपट लेंगे फिलहाल वो जो कर रहे हैं उसमे साथ दे,,