अक्का महादेवी वाक्य
उच्चारण: [ akekaa mhaadevi ]
उदाहरण वाक्य
- मधुश्री दत्ता की सन् 2000 की डाक्यूमेंटरी फ़िल्म “ स्क्रिब्बल्स आन अक्का ” (अक्का पर लिखे कुछ शब्द-Scribbles on Akka) देखने का मौका मिला जो बाहरवीं शताब्दी की दक्षिण भारतीय संत अक्का महादेवी की कविताओं के माध्यम से उनके क्राँतिकारी व्यक्तित्व को विभिन्न दृष्टिकोणों से देखने का प्रयास है.
- ध्यातव्य यह भी है कि पूर्णतया भक्ति या सन्यास के मार्ग में जाने वाली स्त्रियाँ समाज और परिवार से प्रताड़ित भी हुई, दक्षिण में अक्का महादेवी (माला चाहे हीरे की क्यो ना हो, / बंधन ही है / जाल चाहे मोतियों का क्यों ना हो / रुकावट ही है, / गर्दन चाहे / सोने की तलवार से / क्यो ना कटे / मौत ही है।
- मैं फ़िल्म देख कर और संत अक्का महादेवी के बारे में जान कर यह नहीं सोच रहा था कि नारी मुक्ति का रास्ता वस्त्रहीनता है, बल्कि केवल इतना कि जिस समाज में और धर्म में इस तरह के असुविधाजनक व्यक्तित्वों को मान मिल सकता है, जहाँ उनके संदेश को सुना और सोचा जा सकता है, यह उस समाज और धर्म ले लिए गौरव की बात है.