असम के राज्यपाल वाक्य
उच्चारण: [ asem k raajeypaal ]
उदाहरण वाक्य
- असम के राज्यपाल अवकाशप्राप्त लेफ्टिनेंट जनरल अजय सिंह कार्बी आमलांग और उत्तरी कछार पहाड़ी जिले के पुलिस और नागरिक अधिकारियों को उत्कृष्ट सेवा के लिए पुरस्कार देने के कारण विवादों में घिर गए हैं।
- उनके साथ असम के राज्यपाल जेबी पटनायक, प्रदेश के मुख्यमंत्री तरूण गोगोई, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह, असम प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष भुबनेश्वर कालिता और राज्य के कई सरकारी अधिकारी भी कोकराझार आए।
- उन्नीसवीं शताब्दी में अंग्रेजों के आने पर यह क्षेत्र ब्रिटिश प्रशासन के अधीन आया. आजादी के बाद, 1957 में यह क्षेत्र केंद्रशासित प्रदेश बना.उस समय असम के राज्यपाल इसका प्रशासन देखते थे.यह नागा हिल्स तुएनसांग क्षेत्र कहलाया जाने लगा.
- तीन दशक से ज्यादा समय से उग्रवाद का सामना कर रहे पूर्वोत्तर राज्य असम के राज्यपाल जेबी पटनायक ने शांति वार्ता में शामिल होने पर उल्फा नेता परेश बरुआ को सुरक्षा एजेंसियों द्वारा प्रताड़ित न करने का भरोसा दिलाया है।
- और जो लोग यह समझते हैं कि यह चेतावनी अतिशयोक्तिपूर्ण है, उन्हें असम के राज्यपाल की सन् 2005 में केन्द्र को भेजी गई रिपोर्ट को देखना चाहिये, उसके बाद 4 साल और बीत चुके हैं तथा अब तो बांग्लादेश से आये हुए मुसलमानों ने
- लघु राज्यों के राजा अपने लोगों को समझा रहे थे कि पंद्रह जनवरी 1947 को असम के राज्यपाल अकबर हैदरी और खासी राज्यों के बीच जो समझौता हुआ था उसके मुताबिक रक्षा, मुद्रा और विदेश मसलों को छोड़कर बाकी सारे मामले राज्यों के अधीन होने चाहिए थे।
- लघु राज्यों के राजा अपने लोगों को समझा रहे थे कि 15 जनवरी 1947 को असम के राज्यपाल अकबर हैदरी और खासी राज्यों के बीच जो समझौता हुआ था उसके मुताबिक रक्षा, मुद्रा और विदेश मसलों को छोड़कर बाकी सारे मामले उनके अधीन होने चाहिए थे ।
- असम के राज्यपाल के जनजातियों से संबंधित मामलों के एक भूतपूर्व सलाहकार डा बैरियर एल्विन के अनुसार ' असम राइफल्स के लोग कानून और व्यवस्था के संरक्षक दूर-दराज के इलाकों में जाने में अगुवाई करने वाले हमारी सरहदों के पहरेदार और पर्वतवासियों के मित्र हैं जिन्होंने विनम्रता और बिना शोर शराबे के हर तरह की कठिनाईयां और मुश्किलें झेली हैं।
- और जो लोग यह समझते हैं कि यह चेतावनी अतिशयोक्तिपूर्ण है, उन्हें असम के राज्यपाल की सन् 2005 में केन्द्र को भेजी गई रिपोर्ट को देखना चाहिये, उसके बाद 4 साल और बीत चुके हैं तथा अब तो बांग्लादेश से आये हुए मुसलमानों ने ISI के साथ मिलकर स्थानीय आदिवासियों को अल्पसंख्यक बना दिया है, क्योंकि कांग्रेस को सिर्फ़ “ वोट-बैंक ” और “ स्विस-बैंक ” से प्यार है, देश से कतई नहीं।