इंडियन एक्स्प्रेस वाक्य
उच्चारण: [ inediyen ekesperes ]
उदाहरण वाक्य
- भाई साहब रिकार्ड रूम में जाकर 2002 का इंडियन एक्स्प्रेस पढ़िये, अंक कौन सा है मुझे याद नही पर एक रविवारीय परिशिष्ट में फ़ुल पेज की कवर स्टोरी रही थी तब, मोदी पर।
- इंडियन एक्स्प्रेस के अलावा दोनों समूह कई शहरों से आई टी, व्यापार और अन्य कई विषयों पर इस समूह के एक दर्जन से भी अधिक पत्र-पत्रिकाएं छापते हैं जिनमें एक्सप्रेस का ट्रेडमार्क जुड़ा होता है।
- 12 फरवरी 1957 को ‘ इंडियन एक्स्प्रेस ' में प्रकाशित एक समाचार में कहा गया था कि कुछ उच्च कांग्रेसी नेताओं ने विरोधी दलों पर यह आरोप लगाया कि वे विदेशों से आर्थिक सहायता पा रहे हैं।
- गौरतलब है कि इंडियन एक्स्प्रेस के पास पहसे से ही मजबूत और प्रतिष्ठित कॉलमनिस्ट पैनल है और फाइनेंसियल टाइम्स के रेगुलर कॉलमनिस्ट जैसे मार्टिन वोल्फ, लकी केलावे नाम जुड़ जाने से यह पैनल और भी समृद्ध हो जाएगा।
- 1-31 अगस्त के बीच प्रकाशित हिन्दी दैनिकों हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, नवभारत टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा व अंग्रेजी दैनिकों द हिन्दू, द इंडियन एक्स्प्रेस, द टाइम्स ऑफ इंडिया और हिन्दुस्तान टाइम्स के पहले पन्ने पर का अध्ययन किया गया.
- 1-31 अगस्त के बीच प्रकाशित हिन्दी दैनिकों हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, नवभारत टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा व अंग्रेजी दैनिकों द हिन्दू, द इंडियन एक्स्प्रेस, द टाइम्स ऑफ इंडिया और हिन्दुस्तान टाइम्स के पहले पन्ने पर का अध्ययन किया गया.
- सांसद का. सुभाषिणी अली ने 11 जनवरी 1991 को चंद्रशेखर सरकार से मांग की है कि, अक्तूबर 1990 मे ‘ इंडियन एक्स्प्रेस ' मे छ्पे समाचारों मे डा स्वामी ने श्री लंका के विद्रोही ‘ लिट्टे छापामारों ' और इज़राईली गुप्तचर संगठन ‘ मोसाद ' मे संपर्क कराने की जो स्वीकारोक्ति की है उसकी जांच की जाये।
- Wechsler Memorial Award पा चुके अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार Neil Katz (नील कैट्ज़) जो कि अपने आप को मल्टीमीडिया जर्नलिस्ट कहलाना पसंद करते हैं, न्यूयार्क टाइम्स, वाशिंगटन पोस्ट, न्यूयार्क डेली न्यूज़, डेली टेलिग्राफ़ (आस्ट्रेलिया), न्यूजर्सी स्टार लेजर जैसे अखबारों के साथ साथ भारतीय अखबार इंडियन एक्स्प्रेस के लिए भी काम कर चुके हैं।
- आज जिस खबर को लेकर हरिवंश जी ने मीडिया को अराजक कहा है, क्या वही मीडिया उस समय अराजक नहीं थी जब बथानी टोला नरसंहार हुआ था? हरिवंश जी ने “ द इंडियन एक्स्प्रेस ' के संपादक शेखर गुप्ता की रिपोर्ट का हवाला देते हुए आज की मीडिया को अराजक करार दिया है, जिसमें उन्होंने भारतीय फ़ौज द्वारा दिल्ली कूच करने की बात कही थी।