इंदर मल्होत्रा वाक्य
उच्चारण: [ inedr melhoteraa ]
उदाहरण वाक्य
- इसमें अरुंधति राय, विक्रम सेठ, विलियम डालरिंपल, रामचंद्र गुहा, अमजद अली ख़ॉं, इंदर मल्होत्रा, कुलदीप नैयर, प्रशांत भूषण, सुनीता नारायण, किरण बेदी, स्वामी अग्निवेश जैसे प्रख्यात लोगों के नाम थे।
- जाने-माने पत्रकार इंदर मल्होत्रा याद करते हैं, ” आधी रात के समय जब रेडियो पर उन्होंने देश को संबोधित किया था तो उस समय उनकी आवाज़ में तनाव था और ऐसा लगा कि वह थोड़ी सी परेशान सी हैं.
- राजनीतिक टीकाकार इंदर मल्होत्रा उन दिनों को याद करते हुए कहते हैं कि एक दिन जब वह संसद के भीतर उप प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह से मिलने पहुँचे तो उन्होंने उनसे कहा के बगल के कमरे बैठे प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई मेरे मित्र देवीलाल के ख़िलाफ़ षडयंत्र कर रहे हैं.
- भले ही अब इस विवाद के तुल पकड़ने पर कांग्रेस इस पुस्तक में इस लेख को स्तभ लेखक इंदर मल्होत्रा के अपने विचार बता कर पल्ला छाड रही हो परन्तु आम कांग्रेसी ही नहीं आम आदमी भी हैरान यह हे कि ऐसा लेख कांग्रेसी पुस्तक में कैसे स्थान पा सका।
- इंदर मल्होत्रा: लेकिन सबसे अफसोस की बात यह है कि सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि साक्षरता 56-57 प्रतिशत हो गई, उसके बावजूद श्रीलंका, मलेशिया तथा अफ्रीका के देशों को आप देखें तो वहां प्रति हजार समाचार पत्रों की संख्या कहीं ज्यादा है।
- इस विमर्श में हिन्दुस्तान टाइम्स के पूर्व संपादक और प्रेस इंस्टीटयूट आफ इंडिया के पूर्व निदेशक अजित भट्टाचार्य, टाइम्स आफ इंडिया के पूर्व स्थानीय संपादक इंदर मल्होत्रा, भाषा समाचार एजेंसी के पूर्व संपादक वेदप्रताप वैदिक, जनसत्ता के संपादक ओम थानवी और वरिष्ठ पत्रकार एवं कार्टूनिस्ट गोविंद दीक्षित के विचार सम्मलित है।
- इस सवाल का उत्तर देते हुए इंदर मल्होत्रा कहते हैं कि ऐसा कहा जाता है कि मतदान के दिन सुबह इंदिरा गांधी के यहाँ से चरण सिंह को फ़ोन गया कि अगर वह समर्थन चाहते हैं तो उनके और संजय गांधी के ऊपर लगे आरोपों की जाँच के लिए बनी विशेष अदालतें बंद कर दें.
- प्रणय गुप्ते की इस किताब में इंदिरा गांधी के बारे में नया कुछ भी नहीं है लेकिन जिस तरह से इंदर मल्होत्रा से अपनी किताब में तथ्यों को प्रधानता दी है और कैथरीन फ्रैंक ने अपनी किताब को सनसनीखेज बनाया था उससे अलग हटकर प्रणय गुप्ते ने वस्तुनिष्ठता के साथ घटनाओं, तथ्यों और उपल्बध सामग्री को एक जगह इकट्ठा कर अपने सामान्य पाठकों के लिए किताब के लिखने के उद्देश्य में सफलता पाई है ।