कीर्ति स्तम्भ वाक्य
उच्चारण: [ kireti setmebh ]
उदाहरण वाक्य
- मुस्लिम तुष्टिकरण को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने अंडमान द्वीप के कीर्ति स्तम्भ से वीर सावरकर का नाम हटा दिया और संसद भवन में भी उनके चित्र को लगाने का विरोध किया.
- जैन कीर्ति स्तम्भ वास्तव में आदिनाथ का स्मारक है, जिसके चारों पार्श्व पर आदिनाथ की ५ फुट ऊँची दिगम्बर (नग्न) जैन मूर्ति खड़ी है तथा बाकी के भाग पर छोटी-छोटी जैन मूर्तियाँ खुदी हुई हैं।
- मौसम जी के माता श्री और नानी जी हिंदी साहित्य के जाने माने कीर्ति स्तम्भ जो हैं | प्रतिध्वनि के और भी बहुत सारे कार्य कर्ता हैं जिनसे मेरी मुलाक़ात हुई उस दि न...
- हमारे यहां भी महाराणा प्रताप के चेतकारूढ़ प्रतिमा और चित्तौडग़ढ़ के कीर्ति स्तम्भ के छोटे मोटे आइटम मिल जाते हैं, पर इनके अलावा कुछ नहीं जबकि बहुत सी चीजों को ये रूप दिये जा सकते हैं ।
- 23. वीर सावरकर पहले ऐसे राष्ट्रभक्त हुए जिनके शिलालेख को अंडमान द्वीप की सेल्युलर जेल के कीर्ति स्तम्भ से UPA सरकार के मंत्री मणिशंकर अय्यर ने हटवा दिया था और उसकी जगह गांधी का शिलालेख लगवा दिया...
- तद्नुसार रामाश्रम के पास बस स्टेण्ड, पीली कोठी के पास वाला मैदान, कजलीवन मैदान, नमक मण्डी कीर्ति स्तम्भ की एक साइड, मकरोनिया सामुदायिक भवन का मैदान, रजाखेडी बजरिया (बाजार के दिन छोडकर) तथा भगवानगंज चौराहा, सभा स्थल के लिये चयनित किये गये।
- रानी दुर्गावती कीर्ति स्तम्भ, रानी दुर्गावती पर डाकचित्र, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, रानी दुर्गावती अभ्यारण्य, रानी दुर्गावती सहायता योजना, रानी दुर्गावती संग्रहालय एवं मेमोरियल, रानी दुर्गावती महिला पुलिस बटालियन आदि न जाने कितनी कीर्ति आज बुन्देलखण्ड से फैलते हुए सम्पूर्ण देश को प्रकाशित कर रही है।
- मंगलगीतों के साथ कीर्ति स्तम्भ का उद्घाटन बेसवां, December 20, 2010: मंगलायतन विश्वविद्यालय में सोमवार को मंगल गीतों के साथ सुप्रसिद्ध उद्योगपति व माणिक चंद ग्रुप के चेयरमैन रसिक लाल धारीवाल ने परिसर में भगवान महावीर स्वामी जिन मंदिर के सम्मुख निर्मित ऊंचे विशाल कीर्ति स्तंभ का उद्घाटन किया, जिस पर महावीर स्वामी के जयकारे लगे।
- वीर सावरकर के महाप्रयाण के बाद भी अटल सरकार के दौरान कांग्रेस ने संसद भवन में उनका चित्र लगाने पर विवाद खड़ा कर दिया था और 2001 में यूपीए सरकार के रहते मणिशंकर अय्यर ने अंडमान के कीर्ति स्तम्भ से वीर सावरकर के नाम का शिलालेख हटाकर महात्मा गांधी के नाम का पत्थर लगा दिया था, जबकि गांधी वहां कभी गए ही नहीं थे।