कुँवर बेचैन वाक्य
उच्चारण: [ kunevr bechain ]
उदाहरण वाक्य
- नव वर्ष की अग्रिम बधाइयां और शुभकामनाएं! कहें गिरधर उसे हम पल में मुरलीधर बना लेते प्रसिद्ध शायर जनाब कुँवर बेचैन साहब की एक गज़ल से मिसरा-ए-तरह
- डा॰ कुँवर बेचैन हिन्दी कविता के मंच और साहित्य दोनों स्तरों पर बहुचर्चित दिनेश रघुवंशी एक ऐसे कवि हैं जिन्होंने अपनी कविता के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई है।
- कविवर के स्वर में उनकी यह रचना सुनना एक सुखद अनुभव रहा. डॉ. कुँवर बेचैन जी और साहित्य शिल्पी के परिवार के सभी सदस्यों को नव वर्ष की शुभकामनायें।
- वो चाहे गीत लिखें या गजल, मुक्तक लिखें या छंद, सभी में अपने जीवन के अनुभव और सामाजिक दर्द की अभिवयक्ति के माध्यम से, अपने पाठको और श्रोताओं [...] डा॰ कुँवर बेचैन
- विविधआठ किताबों का सम्पादन और चयन जिनमें ख़ूबसूरत ग़ज़लें, बे-मिसाल ग़ज़लें, आधुनिक ग़ज़लें, दीवान-ए-ग़ालिब, डॉ० उर्मिलेश की ग़ज़लें, डॉ० कुँवर बेचैन की ग़ज़लें, डॉ० शिव ओम अम्बर की ग़ज़लें, दाग़ की ग़ज़लें आदि हैं।
- डा॰ कुँवर बेचैन, राजगोपाल सिंह, लक्ष्मीशंकर वाजपेयी, नरेश शांडिल्य ने कहा कविता में शिल्प के बजाय भाव पक्ष का अधिक महत्व होता है शिल्प के प्रति अत्यधिक आग्रह संवेदना की हत्या कर देता है।
- वो चाहे गीत लिखें या गजल, मुक्तक लिखें या छंद, सभी में अपने जीवन के अनुभव और सामाजिक दर्द की अभिवयक्ति के माध्यम से, अपने पाठको और श्रोताओं [...] अपनों की नज़र में डा॰ कुँवर बेचैन
- सात गीत संग्रह, बारह ग़ज़ल संग्रह, दो कविता संग्रह, एक महाकाव्य तथा एक उपन्यास के रचयिता कुँवर बेचैन ने ग़ज़ल का व्याकरण नामक ग़ज़ल की संरचना समझाने वाली एक अति महत्वपूर्ण पुस्तक भी लिखी है।
- मंच से ही जब डॉ. कुँवर बेचैन जी, डॉ. ए.क े. पुरोहित जी और डॉ. दिनेश प्रियमन जी ने एक साथ कहा-‘ बहुत अच्छा ', ' शाबाश ', ‘ शॉर्ट एंड स्वीट '-तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा.
- पहले तो मेरी कवितायेँ कुँवर बहादुर सक्सेना ' बेचैन ' के नाम से छपी फिर कुँवर बहादुर ' बेचैन के नाम से छपीं परन्तु ये सारे नाम बहुत बड़े बड़े से लगे तो फिर मैने इसे छोटा कर दिया और अब कवितायेँ कुँवर बेचैन के नाम से छपने लगी ।