खैरागढ वाक्य
उच्चारण: [ khairaagadh ]
उदाहरण वाक्य
- प्रारंभ से ही प्रखर पदुमलाल पन् नालाल बख् शी की प्रतिभा को खैरागढ के ही इतिहासकार लाल प्रद्युम् न सिंह जी ने समझा एवं बख् शी जी को साहित् य श्रृजन के लिए प्रोत् साहित किया और यहीं से साहित् य की अविरल धारा बह निकली ।
- 1973 के रायपूर मे आयोजित वर्कशाप के बाद भिलाई, रायपूर, भोपाल, दिल्ली, दुर्ग और खैरागढ के अने नाट्य शिविरों को मैने देखा है, कठिन से कठिन स्थिति में भी हबीब जी धीरज नहीं खोते, यह उनके निर्देशन की सबसे बडी विशेषता है।
- छत् तीसगढ के छोटे से कस् बे खैरागढ के रामबगस होटल और ददुआ पान ठेले में बैठे खडे बीडी का कश लेते तो कभी मुस् का नदी के तट पर शांत बैठे हुए एक सामान् य से दिखने वाले व् यक्ति की प्रतिभा का अनुमान लगाना मुश्किल था ।
- मालूम हो कि यूजीसी से मान्यता प्राप्त इंदिरा कला-संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ (छत्तीसगढ) की शाखा दिल्ली में खुल चुकी है, जहां से आप लोग बैचलर इन फाइन आर्टस (4 वर्ष), बैलचर इन डांस (3 वर्ष), बैचलर इन म्यूजिक/इंस्टूंमेंट (3 वर्ष), तथा बीए इन एनिमेशन एंड मल्टीमीडिया (3 वर्ष) पाठयक्रम कर सकते हैं।
- खैर … युवतियां डोंगरगांव (राजनांदगांव जिला), दल्ली राजहरा (राजनांदगांव जिला), दुर्ग व खैरागढ (राजनांदगांव जिला) की बताई गईं और युवक-केशव साहू, लन्नू साहू (रायपुर), विवेक चतुर्वेदी (अहिवारा), मनोज नेताम (जामुल), अमीन मेनन, (फरसगांव, बस्तर) तथा दिल्ली का जसबीर सिंह का बताया गया है ।
- फिर 1921 में वे ‘सरस्वती ' के प्रधान संपादक बने यही वो समय था जब विषम परिस्थितियों में भी उन्होंनें हिन्दी के स्तरीय साहित्य को संकलित कर ‘सरस्वती' का प्रकाशन प्रारंभ रखा ।छत्तीसगढ के जिला राजनांदगांव के एक छोटे से कस्बे में 27 मई 1894 में जन्में पदुमलाल पन्नालाल बख्शी की प्राथमिक शिक्षा म.प्र. के प्रथम मुख्यमंत्री पं. रविशंकर शुक्ल जैसे मनीषी गुरूओं के सानिध्य में विक्टोरिया हाई स्कूल, खैरागढ में हुई थी ।