गरीब नवाज़ वाक्य
उच्चारण: [ garib nevaaj ]
उदाहरण वाक्य
- *. प्रसिद्ध अभिनेता अमिताभ बच्चन 40 साल पहले मांगी गई एक मन्नत का धागा खोलने के लिए 40 बरस बाद गरीब नवाज़ की दरगाह पर 4 जुलाई 2011 को अजमेर आए और जियारत की।
- यह ख्वाजा मुइनुद्दीन चिस्ती जिन्हें गरीब नवाज़ भी कहा जाता हैं कौन थे? यह इतने प्रसिद्ध कैसे हो गए? क्या उनकी दरगाह पर जाकर मन्नत मांगने से हिंदुयों का भला होता हैं?
- उनके टाप नेता और बम धमाकों के अभियुक्त इन्द्रेश कुमार के कुछ चेलों ने हज़रत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती, गरीब नवाज़ की अजमेर शरीफ़ स्थित दरगाह में दुआ माँगी है कि इन्द्रेश कुमार सलामत रहें.
- वे तो यहाँ तक धमकी दे रहे हैं कि अगर पाकिस्तान के राष्ट्रपति ८ अप्रैल को ख्वाजा गरीब नवाज़ की दरगाह पर हाजिरी लगाने अजमेर जाते हैं तो पाकिस्तान की सड़कों और बाज़ारों में जुलूस निकाल कर उनका विरोध किया जायेगा.
- तमाम फिल्मी हस्तियाँ और क्रिकेट सितारों ने तो एक फैशन सा ही बना लिया हैं की किसी भी फ़िल्म के रिलीज़ होने से पहले अथवा क्रिकेट टूर्नामेंट से पहले वे अजमेर स्थित गरीब नवाज़ की दरगाह पर जाकर मन्नत मांगते हैं.
- गरीब नवाज़ भारत में लूटपाट करने वाले, हिन्दू मंदिरों का विध्वंश करने वाले, भारत के अंतिम हिन्दू राजा पृथ्वी राज चौहान को हराने वाले व जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करने वाले मुहम्मद गौरी के साथ भारत में शांति का पैगाम? लेकर आये थे.
- उसके दोस्तों को आज भी याद है ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती-जिन्हें गरीब नवाज़ भी कहा जाता है-उनके प्रति अपने अगाध सम्मान के चलते ही सलीम ने अजमेर में रहने का फैसला किया था, और वहां पर सौंदर्यप्रसाधन का बिजनेस शुरू किया था।
- भारत से सदा सदा के लिए हिन्दू वैदिक धर्म का राज्य मिताने वाले ख्वाजा गरीब नवाज़ कि दरगाह पर जाकर मन्नत मांगने वालों से, पूरे देश में स्थान स्थान पर बनी कब्रों पर हर वीरवार को जाकर मन्नत करने वालों से मेरे कुछ प्रश्न हैं-
- किसी भी दैनिक अख़बार को उठा कर देखिये आपको पढ़ने को मिलेगा की आज हिंदी फिल्मों का कोई प्रसिद्द अभिनेता या अभिनेत्री अजमेर में गरीब नवाज़ अथवा निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर चादर चढ़ा कर अपनी फिल्म के हिट होने की मन्नत मांगने के लिए गया।
- झालावाड़ से लगभग 35 कि 0 मी 0 दूर बसा खानपुर पंचायत समिति मुख्यालय है जहां ख्वाजा गरीब नवाज़ महिला स्वयं सहायता समूह से जब आपका सामना होगा तो आप इस कहानी की सच्चाई को समझ भी पाएंगे और महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त उदाहरण देख भी पाएंगे ।