गलाती वाक्य
उच्चारण: [ galaati ]
उदाहरण वाक्य
- ये कैसे हो जाएँगी? मित्रो! आदमी की जो घटिया वृत्तियाँ हैं, वे न केवल आदमी के शरीर को, वरन् उसके ईमान को और अंतःकरण को गलाती और जलाती चली जाएँगी।
- यह मल को रोकती है, पित्त को दूर करती है, मूत्रकृच्छ को ठीक करती है, पथरी को गलाती है, जलन को दूर करती है और प्रमेह रोग को समाप्त करती है।
- धारचूला बाजार से आगे व्यांस, चौंदास, दारमा घाटी, तल्ला दारमा घाटी, खुमती क्षेत्र, गलाती क्षेत्र, रांथी से लेकर खेत तक का इलाका राशन के एक-एक दाने के लिए मोहताज है.
- मुझे ध्यान आया, ऑक्सीजन ही हमें जीवित रखती है लेकिन वही हमें गलाती भी है-जीना ही जीर्ण होना है और जब जीने का साधन ऑक्सीजन नहीं रहती तब जीर्ण होने की क्रिया भी रुक जाती है।
- शायद इलियट कहता है, “ कल्पना कुछ रचने से पहले कच्चे माल के साथ बहुत तोड़फोड़ करती है, उसे गलाती पिघलाती है, उसका मूलरूप मिट जाता है और तब जाकर कुछ सामने आता है ”..
- जांच रिपोर्ट आने पर अपर निदेशक डा. कुसुम पंत ने राजेंद्र नैनवाल का तबादला जीआईसी पदमपुरी से पिथौरागढ़ के राउमावि जारा, भुवन जोशी का धानाचूली से गलाती व किरन बनौली का धानाचूली से चंपावत से ससिरा करने की संस्तुति कर रिपोर्ट शिक्षा निदेशक को भेज दी थी।
- सीने में अगर धड़कता दिल है तो महसूस किया जा सकता है कि क़ुदरत की बेरहम ठंडी मार जिन मुफ़लिसों की आंख से नींद चुरा लेती है, उनके लिए ऐसी रात काटना किस क़दर क़यामत से गुज़रना होता है, कि पूरी रात करवटें बदलते रहने और बदन सिकोड़ कर हड्डी गलाती ठंड को चकमा देने की फिज़ूल क़वायद का नाम हो जाती है।
- हाथ न हुए पीले विधि विहित पत्नी किसी की हो न सकीं चौरंगी के पीछे वो जो होटल है और उस होटल का वो जो मुच्छड़ रौबीला बैरा है ले गया सपने में बार-बार यादवपुर कैरियर पे लाद के कि आख़िर शादी तो होगी ही नहीं? मैं झूठ कहता हूँ? ओ, हे युग नन्दिनी विज्ञापन सुन्दरी, गलाती है तुम्हारी मुस्कान की मृदु मद्धिम आँच धन-कुलिश हिय-हम कुबेर के छौनों को क्या ख़ूब!
- धारचूला (पिथौरागढ़)। गलाती क्षेत्र के लोगों ने तमाम इलाकों में जलप्रलय के दिन 17 जून से बिजली न होने के खिलाफ एसडीएम कार्यालय के सम्मुख प्रदर्शन किया। गलाती की ग्राम प्रधान विमला देवी के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय पहुंचे लोगों ने डेढ़ महीने का समय बीतने के बाद भी बिजली बहाल न होने को प्रशासन और बिजली विभाग की नाकामी बताते हुए कहा कि आपदाग्रस्त इलाके गलाती, धामीगांव, पुरेंच, रमतोली, राथी, जुम्मा, बोरागांव, बलुवाकोट के ग्रामीण क्षेत्रों में जलप्रलय के दिन से बिजली नहीं है।
- धारचूला (पिथौरागढ़)। गलाती क्षेत्र के लोगों ने तमाम इलाकों में जलप्रलय के दिन 17 जून से बिजली न होने के खिलाफ एसडीएम कार्यालय के सम्मुख प्रदर्शन किया। गलाती की ग्राम प्रधान विमला देवी के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय पहुंचे लोगों ने डेढ़ महीने का समय बीतने के बाद भी बिजली बहाल न होने को प्रशासन और बिजली विभाग की नाकामी बताते हुए कहा कि आपदाग्रस्त इलाके गलाती, धामीगांव, पुरेंच, रमतोली, राथी, जुम्मा, बोरागांव, बलुवाकोट के ग्रामीण क्षेत्रों में जलप्रलय के दिन से बिजली नहीं है।