ग़ुलाम वंश वाक्य
उच्चारण: [ gaeulaam vensh ]
उदाहरण वाक्य
- उसके समय में साम्राज्य का बहुत विस्तार हुआ और कश्मीर से नर्मदा तक तथा बंगाल से सिंधु तक का भू-भाग ग़ुलाम वंश के अधीन आ गया।
- ग़ुलाम वंश के समय में यह भूमि किलोकरी क़िले में स्थित थी, जो कि नसीरूद्दीन महमूद (शासन 1246-1266 ई.) के पुत्र सुल्तान केकूबाद की राजधानी थी।
- 1206 से 1290 ई. के मध्य ' दिल्ली सल्तनत ' पर जिन तुर्क शासकों द्वारा शासन किया गया उन्हें ' ग़ुलाम वंश ' का शासक माना जाता है।
- इन शासकों को ' ग़ुलाम वंश ' का शासक कहना इसलिए उचित नहीं है, क्योंकि इन तीनों तुर्क शासकों का जन्म स्वतंत्र माता पिता से हुआ था।
- ग़ुलाम वंश के समय में यह भूमि किलोकरी क़िले में स्थित थी, जो कि नसीरूद्दीन महमूद (शासन 1246-1266 ई.) के पुत्र सुल्तान केकूबाद की राजधानी थी।
- लेकिन, कबीर से बहुत पहले, लगभग दिल्ली में ग़ुलाम वंश की स्थापना के समांतर, महाराष्ट्र के महानुभाव पंथ के कवियों द्वारा इसके प्रयोग के उदाहरण मिलने लग जाते हैं।
- इसका नाम ग़ुलाम वंश इस कारण पड़ा कि इसका संस्थापक और उसके इल्तुतमिश और बलबन जैसे महान उत्तराधिकारी प्रारम्भ में ग़ुलाम अथवा दास थे और बाद में वे दिल्ली का सिंहासन प्राप्त करने में समर्थ हुए।
- इसका नाम ग़ुलाम वंश इस कारण पड़ा कि इसका संस्थापक और उसके इल्तुतमिश और बलबन जैसे महान उत्तराधिकारी प्रारम्भ में ग़ुलाम अथवा दास थे और बाद में वे दिल्ली का सिंहासन प्राप्त करने में समर्थ हुए।
- ख़िलजी क्रांति केवल इसलिए महत्त्वपूर्ण नहीं है कि, उसने ग़ुलाम वंश को समाप्त कर नवीन ख़िलजी वंश की स्थापना की, बल्कि इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है कि, ख़िलजी क्रांति के परिणामस्वरूप् दिल्ली सल्तनत का सदूर दक्षिण तक विस्तार हुआ।
- मामलूक अथवा ग़ुलाम वंश के अन्तिम सुल्तान शमसुद्दीन क्यूमर्स की हत्या के बाद ही जलालुद्दीन फ़िरोज ख़िलजी सिंहासन पर बैठा था, इसलिए इतिहास में ख़िलजी वंश की स्थापना को ख़िलजी क्रांति के नाम से भी जाना जाता है।