चंद्रगिरी वाक्य
उच्चारण: [ chendergairi ]
उदाहरण वाक्य
- आराधना ही मुख्य होती है-आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज चंद्रगिरी डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ में ग्रीष्म कालीन वाचना में रविवारीय प्रवचन में भगवती आराधना ग्रन्थ का वाचन करते हुए दिगम्बर जैनाचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने कहा की रस्सी के द्वारा पत्थर पर भी निशान पड़ जाते है!
- तब ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यवस्थापक फ्रांसिस डे को दक्षिण भेजा गया था और फिर चंद्रगिरी के राजा के साथ बातचीत के बाद उन्होंने मद्रासपटनम गांव में एक कारखाना स्थापित करने के लिए एक भूमि अनुदान प्राप्त करने में सफल प्राप्त की, यहीं नए सेंट जॉर्ज किले का निर्माण किया गया.
- [12] तब ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यवस्थापक फ्रांसिस डे को दक्षिण भेजा गया था और फिर चंद्रगिरी के राजा के साथ बातचीत के बाद उन्होंने मद्रासपटनम[12] गांव में एक कारखाना स्थापित करने के लिए एक भूमि अनुदान प्राप्त करने में सफल प्राप्त की, यहीं नए सेंट जॉर्ज किले का निर्माण किया गया.
- कोषाद्यक्ष श्री सुभाष चन्द्र जैन और उनके सुपुत्र निशांत जैन (निशु) को मिला! इस उपलक्ष्य में चंद्रगिरी में बनने वाली अस्ट धातु की चौबीसी में 21 वीं प्रतिमा विराजमान करने का सौभाग्य भी इन्हें आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद से मिला! आज चंद्रगिरी डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ में बाहर से आये मुख्य अतिथि श्री
- कोषाद्यक्ष श्री सुभाष चन्द्र जैन और उनके सुपुत्र निशांत जैन (निशु) को मिला! इस उपलक्ष्य में चंद्रगिरी में बनने वाली अस्ट धातु की चौबीसी में 21 वीं प्रतिमा विराजमान करने का सौभाग्य भी इन्हें आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद से मिला! आज चंद्रगिरी डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ में बाहर से आये मुख्य अतिथि श्री
- [12] तब ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यवस्थापक फ्रांसिस डे को दक्षिण भेजा गया था और फिर चंद्रगिरी के राजा के साथ बातचीत के बाद उन्होंने मद्रासपटनम [12] गांव में एक कारखाना स्थापित करने के लिए एक भूमि अनुदान प्राप्त करने में सफल प्राप्त की, यहीं नए सेंट जॉर्ज किले का निर्माण किया गया.
- सोचना भी भटकन है!-आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज (दिनांक-03-06-2012) चंद्रगिरी डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ में आयोजित प्रवचन सभा को सम्भोधित करते हुए दिगम्बराचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने कहा की जब उपसर्ग आता है तो साधू जब ताल नहीं पाते तब संलेखना ले लेते हैं! भयंकर दुर्भिक्ष हो, भयंकर जंगल में भटक गया हो तो भी संलेखना लेते हैं!
- चंद्रगिरी डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ में विराजमान आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने कहा की इस चातुर्मास की स्थापना का समर्थन इन्द्र भी कर रहे हैं जब वर्षा के साथ यदि धर्म वर्षा भी हो जाए तो ये अच्छा रहेगा! मुनिराज अहिंसा धर्म के पालन एवं जीव रक्षा के लिए करते हैं चातुर्मास! आज हम वनों में नहीं रह पाते हैं तो यहाँ स्थापना करना पड़ रहा है!
- चंद्रगिरी डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ में पर्वत पर विराजमान होने वाली 20 फीट की प्रतिमा चन्द्र प्रभु भगवान् की जिस पाषाण की बनना है वह पाषाण विर्जोलिया से 40 कि. मी. दूर निकलकर विर्जोलिया (राजस्थान) से वाहन के द्वारा रवाना होगा उसके साथ फाइबर का 10 फीट का माडल भी आएगा! वह वाहन प्रति दिन 20 कि. मी. चलेगा और गुना, भोपाल आदि से होकर फोर लाइन रोड से आयेगा लगभग 20 दिन के अन्दर आने कि सम्भावना है!
- चंद्रगिरी डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ में विराजमान दिगम्बर जैन आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जी ने दीक्षा दिवस के अवसर पर धर्म सभा को सम्भोधित करते हुए कहा की आज रविवार है और भी कुछ है (दीक्षा दिवस) लेकिन अतीत की स्मृति के लिए आचार्य कुंद-कुंद कहते हैं की याद रखना है तोह दीक्षा तिथि को याद रखो जिस समय दीक्षा ली थी उस समय क्या भाव थे उन्ही को याद करो! काल निकल जाता है पर स्मृति के द्वारा ताज़ा बनाया जा सकता है!