चार अध्याय वाक्य
उच्चारण: [ chaar adheyaay ]
उदाहरण वाक्य
- -संस्कृति के चार अध्याय-पृष्ठ-62, राष्ट्रकवि रामधारीसिंह दिनकर
- साहित्य अकादमी से पुरस्कृत ‘संस्कृति के चार अध्याय ' एक महान ग्रंथ है।
- रामधारी सिंह दिनकर-संस्कृति के चार अध्याय, पृष्ठ १६३, १६ से १९ ।
- ‘संस्कृति के चार अध्याय ' के प्रकाशन ने हिन्दी पाठकों को आकर्षित किया था।
- समस्त ब्रह्मसूत्र में चार अध्याय हैं और प्रत्येक अध्याय में चार पाद हैं।
- चार अध्याय ' का नायक अतीन एला से यहीं स्टीमर पर मिलता है।
- प्रथम दो खण्ड में गीता के प्रारंभिक चार अध्याय की चर्चा हुई है।
- उनकी इस असाधारण ख्याति का कारण है उनकी रचना ‘संस्कृति के चार अध्याय ' ।
- नौकरियों, हाकरी, दलाली और अपराध जीवन धाम के चार अध्याय है.
- इस ग्रंथ के चार अध्याय है-(1) समाधिपाद (2) साधनापाद (3) विभूतिपाद (4) कैवल्यपाद।