चौबीस अवतार वाक्य
उच्चारण: [ chaubis avetaar ]
उदाहरण वाक्य
- ओंकारेश्वर तीर्थ क्षेत्र में चौबीस अवतार, माता घाट (सेलानी), सीता वाटिका, धावड़ी कुंड, मार्कण्डेय शिला, मार्कण्डेय संन्यास आश्रम, अन्नपूर्णाश्रम, विज्ञान शाला, बड़े हनुमान, खेड़ापति हनुमान, ओंकार मठ, माता आनंदमयी आश्रम, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, गायत्री माता मंदिर, सिद्धनाथ गौरी सोमनाथ, आड़े हनुमान, माता वैष्णोदेवी मंदिर, चाँद-सूरज दरवाजे, वीरखला, विष्णु मंदिर, ब्रह्मेश्वर मंदिर, सेगाँव के गजानन महाराज का मंदिर, काशी विश्वनाथ, नरसिंह टेकरी, कुबेरेश्वर महादेव, चन्द्रमोलेश्वर महादेव के मंदिर भी दर्शनीय हैं।
- ओंकारेश्वर तीर्थ क्षेत्र में चौबीस अवतार, माता घाट (सेलानी), सीता वाटिका, धावड़ी कुंड, मार्कण्डेय शिला, मार्कण्डेय संन्यास आश्रम, अन्नपूर्णाश्रम, विज्ञान शाला, बड़े हनुमान, खेड़ापति हनुमान, ओंकार मठ, माता आनंदमयी आश्रम, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, गायत्री माता मंदिर, सिद्धनाथ गौरी सोमनाथ, आड़े हनुमान, माता वैष्णोदेवी मंदिर, चाँद-सूरज दरवाजे, वीरखला, विष्णु मंदिर, ब्रह्मेश्वर मंदिर, सेगाँव के गजानन महाराज का मंदिर, काशी विश्वनाथ, नरसिंह टेकरी, कुबेरेश्वर महादेव, चन्द्रमोलेश्वर महादेव के मंदिर भी दर्शनीय हैं।
- उसे प्राकृत आपदाओं, आसमानी विपत्तियों, भूकम्प-सुनामी इत्यादि हर समस्या और चुनौती से निपटने के लिए ' चौबीस अवतार ' या ' दशावतार चाहिए. अधुनातन साइंस और टेक्नालोजी के युग में भी विराट जन-समूह के एक खास ' वर्ग ' को हर युग में, हर जगह एक अदद चमत्कारी-हीरो चाहिए. उसे यदि राम, कृष्ण, गौतम, गाँधी जैसा अवतार मिल भी जाए तो वो उन्हें भी रिजेक्ट कर देगा.
- किसी विराट चेतना के एक अंश के रूप में धरती पर अवतरण ही अवतार का प्रगट होना है-हिन्दू मिथकों में दस प्रमुख और गौण अवतारों को लेकर कुल चौबीस अवतार अवधारित है-महज एक अवतार अभी भी भविष्य के गर्भ में है-कल्कि! चेतना का पूंजीभूत पृथक अस्तित्व ही अवतार है-फ़िल्म का नामकरण अवतार चेतना के ऐसे ही प्रोजेक्शन का अवधारण करता है जहां मूल व्यक्तित्व तो कहीं और हैं मगर उसका अंतरण कही और भी पुंजीभूत हो सकता है, मगर वह संचालित अपने मूल रूप से ही होता है.
- ओंकारेश्वर तीर्थ क्षेत्र में चौबीस अवतार, माता घाट (सेलानी), सीता वाटिका, धावड़ी कुंड, मार्कण्डेय शिला, मार्कण्डेय संन्यास आश्रम, अन्नपूर्णाश्रम, विज्ञान शाला, बड़े हनुमान, खेड़ापति हनुमान, ओंकार मठ, माता आनंदमयी आश्रम, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, गायत्री माता मंदिर, सिद्धनाथ गौरी सोमनाथ, आड़े हनुमान, माता वैष्णोदेवी मंदिर, चाँद-सूरज दरवाजे, वीरखला, विष्णु मंदिर, ब्रह्मेश्वर मंदिर, सेगाँव के गजानन महाराज का मंदिर, काशी विश्वनाथ, नरसिंह टेकरी, कुबेरेश्वर महादेव, चन्द्रमोलेश्वर महादेव के मंदिर भी दर्शनीय हैं।