छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय वाक्य
उच्चारण: [ chhetrepti shaahu ji mhaaraaj vishevvideyaaley ]
उदाहरण वाक्य
- विक्सन सिक्रोड़िया, कानपुर: छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग के सितारे गर्दिश में हैं। यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) में 17 वषों से स्थाई निदेशक नहीं हैं। बीटेक विभाग गेस्ट फैकल्टी के भरोसे है तो एमसीए व बीसीए, एमएससी विभाग फैकल्टी की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसी स्थिति में इंजीनियरिंग व कम्प्यूटर एप्लीकेशन्स समेत अन्य कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्र छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। मैकेनिकल व आईटी में सिर्फ एक स्थाई फैकल्टी
- कानपुर, नगर प्रतिनिधि: रैगिंग होने पर दोषी भरेंगे जुर्माना, होगा निष्कासन, जेल भी जाना पड़ेगा। रैगिंग करने वाले को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यह तथ्य छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में उभरा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं विश्वविद्यालय के प्रौढ़ सतत् शिक्षा एवं प्रसार विभाग के तत्वावधान में आयोजित सेमिनार का शुभारंभ मुख्य अतिथि एडीजे एसके सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर किया। विषय प्रवर्तन करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, एसीएमएम गगन कुमार भारतीय ने बता
- इनमें छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर में सावित्री बाई फुले, महिला छात्रावास का निर्माण, ब्रम्हावर्त घाट बिठूर के दोनों ओर घाटों का चैड़ीकरण, चिड़ियाघर चैराहे से बीमा चैराहा होते हुए कम्पनीबाग चैराहा तक सड़क निर्माण, जी 0 टी 0 रोड गुरूदेव पैलेस चैराहे से चिड़ियाघर होते हुए गंगा बैराज तक सड़क निर्माण तथा गुमटी नं 0-9 से नमक फैक्ट्री चैराहा होते हुए विजय नगर चैराहा कालपी रोड तक के सड़क निर्माण की तकनीकी जांच करायी गयी है।
- कानपुर, शिक्षा संवाददाता: छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के केंद्रीय मूल्यांकन को लेकर सवाल पर सवाल उठ रहे हैं। अभी विश्वविद्यालय डीबीएस कालेज के आयुर्वेद और बीएससी प्रथम वर्ष के मूल्यांकन को लेकर उठे सवालों के जवाब नहीं खोज पाया कि एमएससी फाइनल सांख्यकीय का मूल्यांकन सवालों के घेरे में आ गया है। दूसरे प्रश्नपत्रों में बेहतर अंक पाने वाले छात्र एक प्रश्नपत्र में फेल हो गए हैं। डीएवी कालेज में एमएससी फाइनल सांख्यकीय के परीक्षार्थियों ने कुलसचिव को प्रतिवेदन देकर कहा है कि उन्हे
- कानपुर, नगर प्रतिनिधि: छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय प्रशासन ने संस्थागत बैक पेपर परीक्षा 2013 के आनलाइन आवेदन की तिथि 27 जुलाई तक कर दी है। वहीं विगत सत्रों में पर्यावरण अध्ययन परीक्षा में अनुत्तीर्ण अथवा अनुपस्थित अभ्यर्थियों की फिर परीक्षा के लिए भी आनलाइन आवेदन की तिथि बढ़ाई गई है। कुलसचिव सैय्यद वकार हुसैन ने बताया कि 2012-13 की संस्थागत बैक पेपर परीक्षा एवं सत्र 2006-07 से सत्र 2012-13 तक की स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके ऐसे अभ्यर्थी, जो पर्यावरण अध्ययन
- कानपुर, स्टाफ रिपोर्टर: लैपटॉप पाने की हसरत पूरी हुई तो छात्र-छात्राओं के चेहरे खिल उठे और गूंज उठा 'हिप-हिप हुर्रे' का स्वर। अवसर था सीएसजेएमयू और सीएसए में मुफ्त लैपटॉप वितरण समारोह का। इन समारोह में 1387 छात्र-छात्राओं को लैपटॉप दिया गया। उनकी खुशी को भुनाने के लिए सपा नेताओं और प्रदेश सरकार के मंत्री ने वोट मांगा और लैपटॉप देने के एहसान को भी याद दिलाया। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के सभागार में इस्लामिक गर्ल्स कालेज की छात्रा अफरोज, बुसा नाज और गुलशन को ल
- कानपुर, शिक्षा संवाददाताः प्रवेश की समस्या को देखते हुए स्नातक प्रथम वर्ष में 33 प्रतिशत सीटें बढ़ाने के शासनादेश के बाद छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में सीटें बढ़ाने की मांग तेज हो गई है। 14 जिलों के कार्यक्षेत्र वाले विश्वविद्यालय से संबद्ध अकेले कानपुर के कालेजों में लगभग 25 हजार सीटें बढ़ सकती हैं। शासन ने कुलपतियों को अधिकार दिया है कि वे प्रवेश समस्या का आकलन करके जरूरत पड़ने पर कला, वाणिज्य व विज्ञान वर्ग के स्नातक प्रथम वर्ष में 33 प्रतिशत तक सीटें बढ़ा सक
- कानपुर, शिक्षा संवाददाताः छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के बीए तृतीय वर्ष हिंदी के नवीन पाठ्यक्रम को लागू करने में पेंच फंस गया है। पढ़ाई शुरू हो गई है और अभी तक पाठ्यक्रम तय नहीं है जिससे शिक्षक संशय में हैं। पाठ्यक्रम पर अंतिम फैसला विद्या परिषद की बैठक में होगा। विश्वविद्यालय ने बीए के तीनों वर्षो के पाठ्यक्रम में 2011-12 में व्यापक बदलाव किया। बीए प्रथम वर्ष में बदला पाठ्यक्रम उसी सत्र से और बीए द्वितीय वर्ष का बदला पाठ्यक्रम 2012-13 के सत्र से लागू किया गया।
- कानपुर, नगर प्रतिनिधि: छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) भले शिक्षा के क्षेत्र में तरक्की की तमाम सीढि़यां चढ़े, लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि यहां कोई दिग्गज खिलाड़ी पढ़ना नहीं चाहता। इसकी वजह विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स कोटा न होना है। हैरानी की बात यह भी है कि 47 साल के हो चुके इस विश्वविद्यालय में इस सुविधा के लिए कोई सार्थक कोशिश अभी तक नहीं की गई। देश के तमाम बड़े विश्वविद्यालयों में स्पोर्ट्स कोटा है लेकिन 1966 से स्थापित सीएसजेएमयू में यह सुविधा नहीं है। इस वजह
- कानपुर, नगर प्रतिनिधि: छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में हुई विद्यापरिषद की बैठक में छात्रों के लिए विदेशी भाषा सीखने का रास्ता साफ हो गया। इसके साथ ही अफसरों के हाथों में पीएचडी का खाका सौंपा गया। अकादमिक भवन में सोमवार को कुलपति प्रोफेसर अशोक कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में एमफिल व पीएचडी उपाधि के न्यूनतम मानक एवं पीएचडी उपाधि के लिए फाइनल ड्राफ्ट तैयार करने को डीन की कमेटी गठित हुई। तय हुआ कि फ्रेंच, जर्मन और गांधीयन स्टडीज में डिप्लोमा पाठ्यक्रम की फीस निर्धारण का प्र