छाप तिलक सब छीनी वाक्य
उच्चारण: [ chhaap tilek seb chhini ]
उदाहरण वाक्य
- सब छीनी रे मोसे नैना नैना, मोसे नैना नैना रे, मोसे नैना मिलायके नैना मिलायके दोनों: छाप तिलक सब छीनी रे मोसे आशा:
- छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलायके लता: ए री सखी (मैं तोसे कहूँ)-२ हाय तोसे कहूँ मैं जो गयी थी (पनिया भरन को)-३
- फिल्मी दाएरे से ऊपर उठने पर रूहानी और आध्यात्मिक पुट लिए-' छाप तिलक सब छीनी रे,मों से नैना मिलाइके' तो भारत-पाक दोनों देशों में गाया जाता है ।
- अपनी सी रंग दीन्ही रे मोसे नैना मिलाइके खुसरो निजाम के बल बल जाए मोहे सुहागन कीन्ही रे मोसे नैना मिलाइके छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके
- जब उन्होंन अमीर ख़ुसरो का यह सूफ़ियाना कलाम गाया तो लोग झूम उठे कि ' छाप तिलक सब छीनी तो से नैना लगाइ के' और 'बहुत कठिन है डगर पनघट की...'
- अरे जा रे हट नटखट.... एक मंत्र जपते रहो श्याम श्याम श्याम....कर ना सके हम प्यार का सौदा...कुछ मस्तीभरे पल... किशोरदा के संग छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलायके.
- छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाई के प्रेम भट्टी का मधवा पिलाई के मतवाली कर लीनी रे मोसे नैना मिलाई के मोहे सुहागन कीनी रे मोसे नैना मिलाई के …..
- हंसराज हंस ने इसके अलावा अपने खास अंदाज में ' छाप तिलक सब छीनी रे, तो से नैना मिलाई के ', ' मेरे साहबा ', ' घर साडे राति आ गए सांई बाबा ' भजनों से भाव विभोर किया।
- इसमें दरगाह की पहली चौकी के कव्वाल असरार हुसैन कवि अमीर खुसरों का ब््राज भाषा में यह गीत प्रस्तुत करते हैं-छाप तिलक सब छीनी रे सैयंयां ने मौसे नयना मिलायके ख्वाजा साहब के दरबार में हाजरी देने वाले कव्वालों का तांता लगा रहता है।
- नैना, (नैना मिलायके)-२ दोनों: छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलायके लता: ए री सखी (मैं तोसे कहूँ)-२ हाय तोसे कहूँ मैं जो गयी थी (पनिया भरन को)-३ छीन झपट मोरी मटकी पटकी छीन झपट मोरी झपट मोरी मटकी पटकी नैना मिलायके दोनों: