ठाकुर जगमोहन सिंह वाक्य
उच्चारण: [ thaakur jegamohen sinh ]
उदाहरण वाक्य
- इस धरती के महान सपूत स्वामी पं. सुन्दरलाल शर्मा, पं. रविशंकर शुक्ल, स्वामी आत्मानंद, माधवराव सप्रे, पदुम लाल पन्ना लाल बख्शी, लोचन प्रसाद पाण्डेम, मुकुटधर पाण्डेव, ठाकुर जगमोहन सिंह, बैरिस्टर छेदीलाल, डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा, डॉ. खूबचंद बघेल, ई.
- उपाधयाय पं. बदरीनारायण चौधारी, पं. प्रतापनारायण मिश्र, बाबू तोताराम, ठाकुर जगमोहन सिंह, लाला श्रीनिवासदास, पं. बालकृष्ण भट्ट, पं. केशवराम भट्ट, पं. अंबिकादत्त व्यास, पं. राधाचरण गोस्वामी इत्यादि कई प्रौढ़ और प्रतिभाशाली लेखकों ने हिन्दी साहित्य के इस नूतन विकास में योग दिया था।
- 4. ठाकुर जगमोहन सिंह, यद्यपि जगमोहन सिंहजी अपनी कविता को नए विषयों की ओर नहीं ले गए, पर प्राचीन संस्कृत काव्यों के प्राकृतिक वर्णनों का संस्कार मन में लिए हुए, अपनी प्रेमचर्या की मधुरस्मृति से समन्वित विंधयप्रदेश के रमणीय स्थलों को जिस सच्चे अनुराग की दृष्टि से देखा है, वह ध्यान देने योग्य है।
- इस पुस्तक में छत्तीसगढ़ के रीतिकालीन कवि पं. गोपाल मिश्र, बाबू रेवाराम और पंडित प्रहलाद दुबे, भारतेन्दु कालीन रचनाकारों में ठाकुर जगमोहन सिंह, पं. अनंतराम पांडेय, पं. मेदिनी प्रसाद पांडेय, पं. हीराराम त्रिपाठी, पं. मालिकराम भोगहा, पं. पुरुषोत्तम प्रसाद पांडेय, जगन्नाथ प्रसाद ' भानु ' गोविंद साव और महावीर प्रसाद द्विवेदी युग के अन्यान्य उच्च कोटि के साहित्यकारों के व्यक्तित्व और कृतिव को रेखांकित किया है।