नरसिंहगुप्त वाक्य
उच्चारण: [ nersinhegaupet ]
उदाहरण वाक्य
- इनके पितामह का नाम था वराहगुप्त तथा पिता का नरसिंहगुप्त जो लोगों में “चुखुल” या “चुखुलक” के घरेलू नाम से भी प्रसिद्ध थे।
- नालंदा के संरक्षक नरेशों में हर्ष के अतिरिक्त नरसिंहगुप्त, कुमारगुप्त द्वितीय, वेण्यगुप्त, विष्णुगुप्त, सर्ववर्मन और अवंतिवर्मन मौखरी तथा कामरूप नरेश भास्करवर्मन मुख्य हैं।
- उसके बाद उसका पुत्र नरसिंहगुप्त पाटलिपुत्र की गद्दी पर बैठा और उसके पश्चात क्रमश: कुमारगुप्त द्वितीय तथा विष्णुगुप्त ने बहुत थोडे़ समय तक शासन किया ।
- इन्होंने व्याकरण का अध्ययन अपने पिता नरसिंहगुप्त से, ब्रह्मविद्या का भूतिराज से, क्रम और त्रिक्दर्शनों का लक्ष्मण गुप्त से, ध्वनि का भट्टेंद्रराज से तथा नाट्यशास्त्र का अध्ययन भट्ट तोत (या तौत) से किया।
- इन्होंने व्याकरण का अध्ययन अपने पिता नरसिंहगुप्त से, ब्रह्मविद्या का भूतिराज से, क्रम और त्रिक्दर्शनों का लक्ष्मण गुप्त से, ध्वनि का भट्टेंद्रराज से तथा नाट्यशास्त्र का अध्ययन भट्ट तोत (या तौत) से किया।
- ऐसी ही लक्ष्मी की अंकन वाली मुद्राएं गुप्तवंश के अन्य शासकों-नरसिंहगुप्त, बुधगुप्त, विष्णुगुप्त एवं प्रकाशादित्य की भी मिलती हैं, जिन्होंने अपने वंश की भाग्य लक्ष्मी को स्थिर करने के साथ-साथ धन की अधिष्ठात्री महादेवी लक्ष्मी की मुद्राएं भी प्रचलित की थीं।