नवधान्य वाक्य
उच्चारण: [ nevdhaaney ]
उदाहरण वाक्य
- इसके पहले वंदना शिवा की स्वयंसेवी संस्था नवधान्य ने भी भारतीय गरीबों को लेकर एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसके मुताबिक देश में करीब 21 करोड़ लोगों को कम से कम एक शाम भूखा रहना पड़ता है।
- इसके पहले वंदना शिवा की स्वयंसेवी संस्था नवधान्य ने भी भारतीय गरीबों को लेकर एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसके मुताबिक देश में करीब 21 करोड़ लोगों को कम से कम एक शाम भूखा रहना पड़ता है।
- इसके पहले वंदना शिवा की स्वयंसेवी संस्था नवधान्य ने भी भारतीय गरीबों को लेकर एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसके मुताबिक देश में करीब 21 करोड़ लोगों को कम से कम एक शाम भूखा रहना पड़ता है।
- परिचर्चा के उद्घाटन सत्र को छत्तीसगढ़ गौ-सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री फूलचंद जैन, संचालक कृषि श्री पी. आर. कृदत्त और नवधान्य संस्था के बीज विद्यापीठ के अध्यक्ष डॉ. विनोद भट्ट ने भी संबोधित किया।
- -नवधान्य की पुस्तिका ' कृषि व किसानों का विकास या विनाश? ' बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ किस कदर अब गांव की खेती-बाड़ी की व्यवस्था को घ्वस्त कर रही हैं इसकी तस्वीर अब मालवा-निमाड़ के कोने-कोने में नजर आने लगी है।
- रिलायंस और वालमार्ट के कचरे को खपाने के लिए गरीब किसानों की और ज्यादा जमीन छीनी जाएगी दुकानदारों और फेरीवालों पर कंपनी खुदरा व्यापारियों के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए ' नवधान्य ' ने दिल्ली में एक शोध किया है।
- नवधान्य के भारत में किए गए शोध बताते है कि मोन्सेन्टो का यह दावा कि बी. टी. कपास की फसल प्रति एकड़ १५०० किलोग्राम फसल देती है, के विपरीत वास्तविकता यह है कि इस बीज से प्रति एकड़ मात्र ४००-५०० किलोग्राम कपास ही उपजती है ।
- दशहरे से पूर्व हर वर्ष शारदीय नवरात्र के समय मातृरूपिणी देवी नवधान्य सहित पृथ्वी पर अवतरित होती हैं-क्रमशः शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी व सिद्धिदात्री रूप में मांँ दुर्गा की लगातार नौ दिनांे तक पूजा होती है।
- वीरपुर, भीमनगर, बलुआ बाज़ार, बिसनपुर, चैनपुर, तुलसीपट्टी, तिलाठी, नरपतगंज, प्रतापगंज, जयनगरा, सुरसर, बथनाहा, सीतापुर, भवानीपुर, अरिराहा, निर्मली, राघोपुर, कटैया आदि गाँव और हाट-बाज़ार सब उस तीस-चालीस किलोमीटर के दायरे में हैं जहाँ कोसी ने सबसे ज़्यादा रौद्र रूप दिखाया है और ये इलाके जो कभी नवधान्य, पटुआ, कास-पटेर, केला, आम-कटहल-लताम-जामुन-बेर-मखान, मूंग-खेसारी-आलू-कोबी-गेन्हारी-नोनहर-सजमनि-तोड़ी-मुनिगा, अड़हुल-जूही-सर्वजाया और माछ-भात से भरे-पूरे थे, अब इतिहास बन गए हैं।