नागयज्ञ वाक्य
उच्चारण: [ naagayejney ]
उदाहरण वाक्य
- चंद्रगुप्त, ध्रुवस्वामिनी, स्कंदगुप्त, जनमेजय का नागयज्ञ, एक घूँट, विशाख, अजातशत्रु, राजश्री, करुणालय (गीतिनाट्य) आदि उनके प्रसिद्ध और कालजयी नाटक हैं.
- ' आर्य कहीं बाहर से आए' इस भूमिका ने इस नागयज्ञ की एक विचित्र व्याख्या को जन्म दिया, जो हिंदी के प्रसिद्घ साहित्यकार जयशंकर प्रसाद के नाटक 'जन्मेजय का नागयज्ञ' में देखी जा सकती है।
- कदाचित् इन्हीं को जनमेजय के नागयज्ञ का उद्गाता बनाया गया था (म. भा., आदि. 53-6); और इन्हीं को राजर्षि भगीरथ ने अपनी कन्या हंसी का दान किया था जिससे वे अक्षयलोक को प्राप्त हुए (वही, अनु. 137-26)।
- ' आर्य कहीं बाहर से आए ' इस भूमिका ने इस नागयज्ञ की एक विचित्र व्याख्या को जन्म दिया, जो हिंदी के प्रसिद्घ साहित्यकार जयशंकर प्रसाद के नाटक ' जन्मेजय का नागयज्ञ ' में देखी जा सकती है।
- ' आर्य कहीं बाहर से आए ' इस भूमिका ने इस नागयज्ञ की एक विचित्र व्याख्या को जन्म दिया, जो हिंदी के प्रसिद्घ साहित्यकार जयशंकर प्रसाद के नाटक ' जन्मेजय का नागयज्ञ ' में देखी जा सकती है।
- किंतु रोचक तथ्य यह है कि कौरवों और पांडवों के मंच से हट जाने के पश्चात् अपने पिता की हत्या का प्रतिशोध लेने के लिए जनमेजय, एक नागयज्ञ करता है, जिसमें चुन-चुन कर नागों को जलाया जा रहा है।
- इस यज्ञ से अपने प्राण रक्षा के लिए वासुकी इन्द्रासन से जा लिपटा था, जब इन्द्र भी वासुकी के साथ-साथ कुण्ड में गिरने के लिए मन्त्र बल से खिंचने लगा, तब कहीं वह नागयज्ञ समाप्त हो गया ।
- किंतु रोचक तथ्य यह है कि कौरवों और पांडवों के मंच से हट जाने के पश्चात् अपने पिता की हत्या का प्रतिशोध लेने के लिए जनमेजय, एक नागयज्ञ करता है, जिसमें चुन-चुन कर नागों को जलाया जा रहा है।
- किंतु रोचक तथ् य यह है कि कौरवों और पांडवों के मंच से हट जाने के पश् चात् अपने पिता की हत् या का प्रतिशोध लेने के लिए जनमेजय, एक नागयज्ञ करता है, जिसमें चुन-चुन कर नागों को जलाया जा रहा है।
- माना कि आतंकवाद, राजनैतिक प्रतिशोध और अपराधवाद, नक्सलवाद, जातिवाद, सांस्कृतिक-संप्रदायवाद, इतिहासवाद, परिवादवाद, सेना और पुलिस का सुरक्षा के नाम पर स्त्रियों पर जुल्म, रुपयों के लिए बिकते न्याय आदि ‘ ये सब ' और ‘ अन्य अनेक अमानवीय कुकृत्य ' नाग और तक्षकों के प्रतीक हैं, मगर इनसे ‘ वोटर-युग ' कीे जंजीरों में जकड़े कमज़ोर बच्चे कैसे लड़ पाएंगे? उन्हें परीक्षित पुत्र जनमेजय के नागयज्ञ की शिक्षा दी जानी चाहिए, जिसमें सारे नाग स्वयमेव आकर भस्म हो जाएं।