नागरीदास वाक्य
उच्चारण: [ naagaridaas ]
उदाहरण वाक्य
- अगर किसी ने इन खूबियों को समाहित किया है तो ठीक है क्योंकि किशनगढ़ के राजा को उस समय नागरीदास कहा जाता था.
- तात्पर्य यह कि बहुमुखी प्रणय के विधि आयाम भी दोनों के साथ हैं, मगर एक कनुप्रिया नागरीदास की है, एक डा.
- पहले ही वर्ष ' नागरीदास का जीवनचरित्र ' नामक जो लेख पढ़ा गया वह कवियों के विषय में बढ़ती हुई लोकजिज्ञासा का पता देता है।
- नागरीदास के काव्य प्रेम, गायन, बणीठणी के संगीत प्रेम और कलाकार मोरध्वज निहालचंद के चित्रांकन ने किशनगढ़ की कला को सर्वोच्च स्थान प्रदान किया।
- मुक्तक कृष्ण-काव्य की बहुलता रही, ऐसे रचनाकारों में रूपरसिकदेव, नागरीदास, अलबेली, चाचा हितवृन्दावन दास आदि का नाम लिया जा सकता है ।
- इस अवसर पर महंत कमलदास महाराज, जयेश खंडेलवाल, नागरीदास महाराज, साध्वी हितप्रिया किंकरी, चंद्रप्रकाश शर्मा, गोवर्धन दास, सेवक शरण गुप्ता आदि उपस्थित थे।
- यद्यपि नागरीदास नाम से कई भक्त कवि ब्रज में हो गए, पर उनमें सबसे प्रसिद्ध 'कृष्णगढ़ नरेश महाराज सावंतसिंह' जी हैं जिनका जन्म पौष कृष्ण 12 [संवत्]] 1756 में हुआ था।
- ये महाराज नागरीदास जी के भाई बहारदुरसिंह जी के आश्रय में रहते थे, पर जब राजकुल में विग्रह उत्पन्न हुआ तब ये कृष्णगढ़ छोड़कर वृंदावन चले आए और अंत समय तक वहीं रहे।
- ये महाराज नागरीदास जी के भाई बहारदुरसिंह जी के आश्रय में रहते थे, पर जब राजकुल में विग्रह उत्पन्न हुआ तब ये कृष्णगढ़ छोड़कर वृंदावन चले आए और अंत समय तक वहीं रहे।
- आचार्य शुक्ल ने नागरीदास के विवेचन में बनीठनी पर मात्र एक पंक्ति लिखी है ” वृन्दावन में इनके साथ इनकी उपपत्नी ‘ बणीठणीजी ' भी रहती थीं, जो कविता भी करती थीं ” ।