नुसरत फ़तेह अली ख़ान वाक्य
उच्चारण: [ nusert feteh ali khan ]
उदाहरण वाक्य
- सजीव-“याद पिया की आए” की तरह एक और पारम्परिक रचना है “दमादम मस्त कलंदर, अली दम दम दे अंदर”, जिसे हर दौर में अलग अलग फ़नकारों ने गाए हैं, जैसे कि नूरजहाँ, अबीदा परवीन, रूना लैला, नुसरत फ़तेह अली ख़ान और भी बहुत सारे।
- गीत-याद पिया की आए सजीव-“याद पिया की आए” की तरह एक और पारम्परिक रचना है “दमादम मस्त कलंदर, अली दम दम दे अंदर”, जिसे हर दौर में अलग अलग फ़नकारों ने गाए हैं, जैसे कि नूरजहाँ, अबीदा परवीन, रूना लैला, नुसरत फ़तेह अली ख़ान और भी बहुत सारे।
- उस दौर में बीटल्स, ईगल्स, कार्पेण्टर्स, जिम रीव्स, फ़्रेंक सिनाट्रा, एबीबीए और मार्क एंथनी ज़िन्दगी का उतना ही हिस्सा थे जितने लता मंगेशकर, तलत महमूद, मुहम्मद रफ़ी, भूपेन्द्र, नुसरत फ़तेह अली ख़ान, मेहदी हसन और चित्रा (विख्यात दक्षिण भारतीय गायिका) ।
- और क्यों ना हो जब लता मंगेशकर, गुलज़ार, भुपेन्द्र सिंह, शंकर महादेवन, हरीहरण, रूप कुमार राठोड़, नूरजहाँ, गु़लाम अली, नुसरत फ़तेह अली ख़ान, अबीदा परवीन, मेहदी हसन, राहत फ़तेह अली ख़ान, वडाली ब्रदर्स जैसे अज़ीम फ़नकारों के गाए गानें इसमें शामिल हों।
- सजीव-“ याद पिया की आए ” की तरह एक और पारम्परिक रचना है “ दमादम मस्त कलंदर, अली दम दम दे अंदर ”, जिसे हर दौर में अलग अलग फ़नकारों ने गाए हैं, जैसे कि नूरजहाँ, अबीदा परवीन, रूना लैला, नुसरत फ़तेह अली ख़ान और भी बहुत सारे।