पशुपूजा वाक्य
उच्चारण: [ peshupujaa ]
उदाहरण वाक्य
- अत: आधुनिक पशुपूजा की भावनाओं तथा कोटियों के आधार पर आदिम पशुपूजा के मूल कारण के प्रति संभावित दृष्टिकोण ही उपस्थित किए जा सकते हैं जो (1) उपयोगितावादी एवं (2) दैवी अथवा अभौतिक हो सकते हैं।
- अत: आधुनिक पशुपूजा की भावनाओं तथा कोटियों के आधार पर आदिम पशुपूजा के मूल कारण के प्रति संभावित दृष्टिकोण ही उपस्थित किए जा सकते हैं जो (1) उपयोगितावादी एवं (2) दैवी अथवा अभौतिक हो सकते हैं।
- यद्यपि वेदवर्णित पशुपूजा के अनार्य मूल के संबंध में निश्चित रूप से कुछ भी नहीं कहा जा सकता, तथापि देश के दूरस्थ प्रदेशों में वास करनेवाले अनार्य कबीलों में पशुपूजा और प्रचलन आज भी है, या निकट भूत में था।
- यद्यपि वेदवर्णित पशुपूजा के अनार्य मूल के संबंध में निश्चित रूप से कुछ भी नहीं कहा जा सकता, तथापि देश के दूरस्थ प्रदेशों में वास करनेवाले अनार्य कबीलों में पशुपूजा और प्रचलन आज भी है, या निकट भूत में था।
- यद्यपि पुनर्जन्म के सिद्धांत को सभी प्रमुख भारतीय चिंतनप्रणालियों मे मान्यता दी गई है और जन्मजन्मांतरों में आत्मा के पशुओं और पौधों में प्रवेश की कल्पना की गई है, तथापि यह विश्वास भारत में पशुपूजा का आधार कभी नहीं रहा।
- यद्यपि पुनर्जन्म के सिद्धांत को सभी प्रमुख भारतीय चिंतनप्रणालियों मे मान्यता दी गई है और जन्मजन्मांतरों में आत्मा के पशुओं और पौधों में प्रवेश की कल्पना की गई है, तथापि यह विश्वास भारत में पशुपूजा का आधार कभी नहीं रहा।
- यद्यपि वेदवर्णित पशुपूजा के अनार्य मूल के संबंध में निश्चित रूप से कुछ भी नहीं कहा जा सकता, तथापि देश के दूरस्थ प्रदेशों में वास करनेवाले अनार्य कबीलों में पशुपूजा और प्रचलन आज भी है, या निकट भूत में था।
- यद्यपि वेदवर्णित पशुपूजा के अनार्य मूल के संबंध में निश्चित रूप से कुछ भी नहीं कहा जा सकता, तथापि देश के दूरस्थ प्रदेशों में वास करनेवाले अनार्य कबीलों में पशुपूजा और प्रचलन आज भी है, या निकट भूत में था।