प्रभाकरवर्धन वाक्य
उच्चारण: [ perbhaakerverdhen ]
उदाहरण वाक्य
- हर्षचरित से ज्ञात होता है कि प्रभाकरवर्धन ने अपनी मृत्यु से पहले राज्यवर्धन को उत्तर दिशा में हूणों का दमन करने के लिए भेजा था।
- लेकिन प्रभाकरवर्धन की मृत्यु के पश्चात मालव के राजा देवगुप्त ने ग्रहवर्मन की हत्या कर दी और राज्यश्री को कन्नौज में कारागार में ड़ाल दिया।
- हर्षचरित से ज्ञात होता है कि प्रभाकरवर्धन ने अपनी मृत्यु से पहले राज्यवर्धन को उत्तर दिशा में हूणों का दमन करने के लिए भेजा था।
- ६ ० ५ ई. में प्रभाकरवर्धन की मृत्यु के पश्चात् राजवर्धन राजा हुआ पर मालव नरेश देवगुप्त और गौड़ नरेश शंशांक की दुरभिसंधि वश मारा गया।
- राजा प्रभाकरवर्धन छठी शताब्दी के उत्तरार्द्ध में मालवों, गुर्जरों और हूणों को पराजित कर चुके थे, किंतु राज्य की उत्तर-पश्चिम सीमा पर प्रायः हूणों के छुट-पुट उपद्रव होते रहते थे।
- प्रभाकरवर्धन के पश्चात राज्यवर्धन ने भी तेजी से अपने राज्य का विस्तार किया, लेकिन इस बीच उसकी अकाल मृत्यु हो गई और 606 ईस्वी में राज्य की बागडोर हर्षवर्धन के हाथ आ गई।
- ' ' “ मेरी ओर से आज्ञा है पुत्र! ” राजा प्रभाकरवर्धन ने अपने पुत्र राज्यवर्धन के दमकते मुख की ओर देखते हुए कहा, ‘‘ हूँणों का नाश करके प्रजा में सुख-शांति की स्थापना करो।
- शताब्दी के अंतिम चरण में स्कंदगुप्त की मृत्यु के पश्चात ' थानेश्वर ' में प्रभाकरवर्धन ने अपनी स्वतंत्र सत्ता स्थापित कर ली और गंगा-यमुना के मध्य क्षेत्र एवं गंगा पार क्षेत्र में राज्य विस्तार के लिए उन्मुख हुआ।