प्रातिशाख्य वाक्य
उच्चारण: [ peraatishaakhey ]
उदाहरण वाक्य
- प्रातिशाख्य और शिखा काल में स्वरों के नाम षड्ज, ऋषभ, गांधार, मध्यम, पंचम, धैवत और निषाद हो गए।
- प्रातिशाख्य और शिखा काल में स्वरों के नाम षड्ज, ऋषभ, गांधार, मध्यम, पंचम, धैवत और निषाद हो गए।
- ऋग्वेद प्रातिशाख्य के रचयिता उव्वट ने अपने ग्रन्थ के प्रत्येक अध्याय के अंत में इति आनन्दपुर वास्तव्यं लिखा है।
- मेरी परीक्षा लेने के लिए उस ब्राह्मण ने प्रातिशाख्य (वैदिक व्याकरण) का एक पाठ मेरे आगे बोला।
- इसी अक्षर या अक्षरों के संयोग से बना “ अक्षर समूह ” शब्द कहलाता है (ऋक् प्रातिशाख्य) ।
- 6 उपांग-1 प्रतिपद सूत्र 2 अनुपद 3 छन्दोभाषा (प्रातिशाख्य) 4 धर्म शास्त्र 5 न्याय 6 वैशेषिक ।
- इनके अतिरिक्त ऋक्तंत्र नाम से एक साम प्रातिशाख्य तथा तीन प्रपाठकों में एक दूसरा अथर्व प्रातिशाख्य भी प्रकाशित हो चुके हैं।
- इनके अतिरिक्त ऋक्तंत्र नाम से एक साम प्रातिशाख्य तथा तीन प्रपाठकों में एक दूसरा अथर्व प्रातिशाख्य भी प्रकाशित हो चुके हैं।
- प्रतिपदसूत्र, अनुपद, छन्दोभाषा (प्रातिशाख्य), धर्मशास्त्र, न्याय तथा वैशेषिक-ये ६ उपांग ग्रन्थ भी उपलब्ध है।
- प्रातिशाख्यों में ऋप्रातिशाख्य (शौनक), शुक्लयजुः प्रातिशाख्य (कात्यायन), मैत्रायणी प्रातिशाख्य आदि प्रमुख हैं और शिक्षाग्रन्थों (ध्वनिशास्त्रों) केनिर्माताओं मे याज्ञवल्क्य, व्यास, वसिष्ठ आदि विख्यात हैं.