बहारों के सपने वाक्य
उच्चारण: [ bhaaron k sepn ]
उदाहरण वाक्य
- रतनतुझे पाके मैं हर खुशी पा गयाज्यों सौ साल की जिंदगी पा गया बहारों के सपने भी आने लगेखिजां दूर पलकों से जाने लगेतू है साथ हर सादगी पा गयाज्यों सौ साल की जिंदगी पा गया हुए साथ भंवरे भी गाने लगेथे वीराने जो मुस्कुराने लगेथा सूना जो दिल आशिकी पा गयाज्यों
- मजरूह ने फिर वही दिल लाया हूं, तीसरी मंजिल, बहारों के सपने, कारवां हम किसी से कम नहीं, कयामत से कयामत तक, जो जीता वही सिकंदर, अकेले हम अकेले तुम और खामोशी द म्यूजिकल के जरिये उन्होंने फिल्म जगत को एक से बढ़कर एक गीत दिये।
- दोपहर 12 बजे एस एम एस के बहाने वी बी एस के तराने कार्यक्रम में शुक्रवार को रेणु (बंसल) जी नई फ़िल्मों के साथ एकाध पुरानी फ़िल्म भी ले आई जिसमें से श्रोताओं ने संदेश भेजें इन फ़िल्मों के लिए-मुझसे शादी करोगी, बीवी नं 1 जैसी नई और बहारों के सपने जैसी पुरानी फ़िल्म के लिए।
- “ दीया ” शब्द के प्रयोग वाले गीतों में उल्लेखनीय हैं “ दिल का दीया जलाके गया ” (आकाशदीप), “ क्या जानू सजन होती है क्या ग़म की शाम, जल उठे सौ दीये ” (बहारों के सपने), “ दीये जलायें प्यार के चलो इसी ख़ुशी में ” (धरती कहे पुकार के) ।
- दोपहर 12 बजे एस एम एस के बहाने वी बी एस के तराने कार्यक्रम में शुक्रवार को रेणु (बंसल) जी नई फ़िल्मों के साथ एकाध पुरानी फ़िल्म भी ले आई जिसमें से श्रोताओं ने संदेश भेजें इन फ़िल्मों के लिए-मुझसे शादी करोगी, बीवी नं 1 जैसी नई और बहारों के सपने जैसी पुरानी फ़िल्म के लिए।
- कुछ वर्षों के बाद जब राजेश खन्ना, “ बहारों के सपने ” और “ आनन्द ” जैसी फ़िल्मों में नीचे जीन्स और ऊपर कुर्ता पहन कर आये तो हम सब नवयुवकों को नयी पोशाक मिल गयी और आज भी जब भी जीन्स पर कुर्ता पहनूँ तो कभी कभी अपने लड़कपन के राजेश खन्ना के प्रति दीवानेपन की याद आ जाती है.
- नासिर हुसैन ने आशा पारिख को दिल देखे देखो के अलावा जब प्यार किसी से होता है (देवानन्द), फिर वही दिल लाया हूं (जॉय मुखर्जी), तीसरी मंजिल (शम्मी कपूर), बहारों के सपने (राजेश खन्ना), प्यार का मौसम (शशि कपूर) और कारवां (जितेन्द्र) में भी नायिका की भूमिका में रखा।
- इन दस फ़िल्मों में जिनमें राहुल देव बर्मन का संगीत था, उनमें शामिल हैं ' तीसरी मंज़िल ', ' बहारों के सपने ', ' यादों की बारात ', ' प्यार का मौसम ', ' हम किसी से कम नहीं ', ' कारवाँ ', ' ज़माने को दिखाना है ', ' मंज़िल मंज़िल ', और ' ज़बरदस्त ' ।
- आशा पारिख की प्रमुख हिन्दी फिल्मों में दिल देके देखो, जब प्यार किसी से होता है, दो बदन, बिन बादल बरसात, जिद्दी, लव इन टोकियो, मेरे सनम, बहारों के सपने, उपकार, आए दिन बहार के, आन मिलो सजना, आया सावन झूम के, कटी पतंग, मेरा गांव मेरा देश, समाधि, बिन फेरे हम तेरे और मैं तुलसी तेरे आंगन की आदि के नाम शामिल हैं।
- शनिवार और रविवार को सदाबहार नग़में कार्यक्रम में आर डी बर्मन को याद किया और उनके स्वरबद्ध किए सदाबहार गीत सुनवाए जैसे कारवा, परिचय फिल्मों के गीत और बहुत अच्छे लगे उनकी इस टीम के गीत-आर डी बर्मन, किशोर कुमार और राजेश खन्ना, इन फिल्मों से-कटी पतंग, मेरे जीवन साथी, बहारों के सपने-वाकई प्यार के जो गीत इस टीम ने दिए वैसे हिन्दी फिल्मों के इतिहास में मिलने मुश्किल है.