भीती वाक्य
उच्चारण: [ bhiti ]
उदाहरण वाक्य
- रास्ते मे भीती के राजकुमार जयदत्त सिंह से रौनाही के पास उसे रोककर घोर संग्राम किया और उसकी जेहादी सेना समेत उसे समाप्त कर दिया।
- उसकी भीती सिरे से काफूर हो चुकी थी किसी संत की मानिंद उसने कहा-मूरख को तुम राज दियत हो, पंडित फिरे भिखारी, संतों कर्मन की गति न्यारी ।
- मजेदार बात यह है ये तमाम फोबियाज़, भीती असली चीज़ों और घटनाओं से प्रेरित नहीं रहतें हैं इनके मूल में उसी खौफ की व्याप्ति रहती है दूसरा अटेक न पड़ जाए मुझे.
- आपण एसेमेस केल्यासारखं वागायबोलायला लागू, दु:खाच्या किंवा आनंदाच्या परमोच्चक्षणी कमर्शिअल ब्रेक घेऊ, जगणं इतकं अटीतटीचं करून ठेऊ की रद्दबातल ठरवलेल्या माणसांची प्रचंड अडगळ आपल्याभोवती साचत जाईल-हे सगळं कवी सुचवतो तेव्हा खरंच भीती वाटते.
- लाज न लागत आपको, दौरे आयहु साथ | धिक-धिक ऐसे प्रेम को कहाँ कहहुं मे नाथ | | अस्थि चर्ममय देह मम, तामे ऐसी प्रीती | तैसी जो श्रीराम मे, छेती न तो भव भीती |
- अलबत्ता पोटेशियम आयोडाइड की गोलियां खाने से, तरल के रूप में इसे लेने से रेडियो आयोडीन का असर जाता रहता है.लेकिन बिला वजह किसी भीती (रेडियेशन फोबिया)के तहत इनका लेना ठीक नहीं है.नुकसान ही होगा ।
- वह सुनयना थी,,, (विक्रम सिंह)-वह सुनयना थी, कभी चोरी-चोरी मेरे कमरे मे आती नटखट बदमाश मेरी पेन्सिले उठा ले जाती और दीवाल के पास बैठकर अपनी नन्ही उगलियों से भीती में चित्र बनाती अनगिनत..
- वह सुनयना थीकभी चोरी-चोरी मेरे कमरे मे आतीनटखट बदमाशमेरी पेन्सिले उठा ले जातीऔर दीवाल के पास बैठकरअपनी नन्ही उगलियों से, भीती में चित्र बनातीअनगिनत-अनसमझ, कभी रोती कभी गातीवह फिर आयी थी मेरे कमरे मेंमुझे देख सकुचाई थीनव-पल्लव सी अपार शोभा लिए,पलक संपुटो
- वह सुनयना थीकभी चोरी-चोरी मेरे कमरे मे आतीनटखट बदमाशमेरी पेन्सिले उठा ले जातीऔर दीवाल के पास बैठकरअपनी नन्ही उगलियों से, भीती में चित्र बनातीअनगिनत-अनसमझ, कभी रोती कभी गातीवह फिर आयी थी मेरे कमरे मेंमुझे देख सकुचाई थीनव-पल्लव सी अपार शोभा लिए,पलक संपुटो...
- बाँस का टूटा हुआ जंगला / फटी भीती बंधु, हम यहाँ रहते हैं द्वार पर तहसील सी धमकी हवा......... पाँव से सिर तक लपेटे हुक्म दर न छोड़ने के संस्कार कुएँ में ठहरा हुआ सूखा / प्यासी गाय बन्धु, खुलकर नहीं कहते हैं